AI Generated Image
AI Generated Image
ऑफिस में काम के बीच कई लोग बार-बार स्मोकिंग ब्रेक लेते हैं. उन्हें लगता है कि सिगरेट पीने से स्ट्रेस कम हो जाता है और टेंशन रिलीज हो जाता है. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा नहीं है. सिगरेट पीने से सिर्फ कुछ मिनटों के लिए लोग अच्छा महसूस कराते है. इसके बाद फिर वही तनाव और बेचैनी दोबारा से महसूस होती है.
दरअसल सिगरेट में निकोटीन होता है. जब आप सिगरेट पीते हैं, तो यह दिमाग में पहुंचकर कुछ समय के लिए अच्छा महसूस कराता है. इसलिए कई लोगों को लगता है कि उनका स्ट्रेस खत्म हो गया. लेकिन यह असर ज्यादा देर तक नहीं टिकटा. जैसे ही निकोटीन का असर खत्म होता है तो फिर से सिगरेट पीने का मन करने लगता है.
ऑफिस का काम, ज्यादा जिम्मेदारी और डेडलाइन का टेंशन कई बार लोगों को बार-बार सिगरेट पीने के लिए मजबूर कर देता है. उन्हें लगता है कि सिगरेट पीने के बाद उनकी प्रोडक्टिविटी बढ़ जाएगी, लेकिन असल में उनका शरीर निकोटीन की मांग कर रहा होता है. जैसे ही वे सिगरेट पीते हैं, कुछ देर के लिए राहत मिलती है और फिर वही परेशानी वापस आ जाती है.
अगर कोई रोज सिगरेट पीता है, तो धीरे-धीरे शरीर को निकोटीन की आदत पड़ जाती है. फिर कुछ समय तक सिगरेट न मिले तो उसे चिड़चिड़ापन, बेचैनी, फोकस की कमी महसूस होने लगती है. ऐसे उसका बार-बार सिगरेट पीने का मन होने लगता है. यही वजह है कि कई लोग हर थोड़ी देर में स्मोकिंग ब्रेक लेने लगते हैं.
कई लोग सोचते हैं कि सिगरेट उनकी टेंशन दूर कर रही है. लेकिन सच यह है कि सिगरेट सिर्फ थोड़ी देर के लिए अच्छा महसूस कराती है. जब उसका असर खत्म होता है, तो बेचैनी फिर से शुरू हो जाती है. इस तरह इंसान बार-बार सिगरेट पीता है और धीरे-धीरे उसकी लत बढ़ती जाती है.
अगर ऑफिस के काम से तनाव हो रहा है, तो सिगरेट की जगह वॉक करें, गहरी सांस लें, पानी पिएं या थोड़ी देर अपनी सीट से उठकर आराम करें. इससे दिमाग भी शांत होगा और शरीर को कोई नुकसान भी नहीं होगा.