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UP में फायर NOC किस के लिए है जरूरत, कितना पैसा करना पड़ता है खर्च, कितने दिन तक चलता है एक फायर एनओसी, सबकुछ जानिए

उत्तर प्रदेश में कई प्रकार की बिल्डिंग के लिए फायर एनओसी की जरूरत होती है. बिना इसके आप पर पेनल्टी लग सकती है. ऐसे में आपको पता होना चाहिए कि किन लोगों को इसकी जरूरत है, और किस तरह आवेदन किया जाए.

UP Fire Department UP Fire Department

फायर एनओसी एक ऐसा डॉक्यूमेंट होता है, जो फायर डिपार्टमेंट की तरफ से जारी किया जाता है. यह इस बात को सुनिश्चित करता है कि कोई बिल्डिंग  फायर सेफ्टी से जुड़े सभी नियमों का पालन करती है. Uttar Pradesh Fire Prevention and Fire Safety Act, 2005 के तहत कुछ खास बिल्डिंग को इस एननोसी लेने की जरूरत होती है. सबसे जरूरी बात कि यह एनओसी बिल्डिंग को इस्तेमाल में लेने से पहले लेनी होती है.

क्यों UP में जरूरी है फायर NOC?

उत्तर प्रदेश फायर सर्विस एनओसी, इस बात को सुनिश्चित करती है कि एक बिल्डिंग यूपी फायर डिपार्टमेंट द्वारा जारी किए गए सभी फायर सेफ्टी नियमों का पालन करती है. इस बात की पुष्टि करने के लिए यूपी फायर डिपार्टमेंट खुद बिल्डिंग का मुआएना करता है कि सभी फायर सेफ्टी उपकरण गुड कंडीशन में हैं. 

साथ ही अगर किसी बिल्डिंग में कमर्शियल काम होता पाया जाता है, और फायर एनओसी मौजूद नहीं है. तो ऐसी स्थिति में प्रॉपर्टी और मालिक दोनों पर लीगल एक्शन लिया जा सकता है.

यूपी फायर एनओसी के फायदे

  • फायर एनओसी इस बात को सुनिश्चित करती है कि बिल्डिंग में सभी फायर सेफ्टी नियमों का पालन हो रहा है. जिससे लीगल मामलों से बचा जा सकता है, साथ ही बिल्डिंग को बंद होने से भी रोका जा सकता है.
  • एनओसी इस बात का भी ध्यान रखती है बिल्डिंग में हो रहे कमर्शियल काम को करने वाले कर्मचारियों, ग्राहकों और जान-माल को बचाया जा सकता है.
  • ट्रेड लाइसेंस की प्राप्ति और बिल्डिंग को इस्तेमाल करने के सर्टिफिकेट और प्रोजेक्ट के अप्रूवल के लिए फायर एनओसी होना एक जरूरी शर्त है.
  • आग लगने की स्थिति में फायर इंश्योरेंस क्लेम पाने में फायर एनओसी मदद करती है.  यह इस बात का प्रमाण होती है कि आपने सेफ्टी के सभी नियमों का पालन किया.
  • अगर आपकी बिल्डिंग के पास फायर एनओसी है, तो इससे ब्रांड ट्रस्ट और रेप्यूटेशन बढ़ती है.

यूपी फायर सेफ्टी एनओसी कब है जरूरी

  • रिहायशी बिल्डिंग की हाइट 15 मीटर से ज्यादा होना पर.
  • कमर्शियल वर्किंग एरिया की जमीन का साइज 500 वर्ग मीटर से ज्यादा होने पर.
  • औद्योगिक परिसर, गोदाम और ऐसी फैक्टी जो ज्वलनशील चीज़ों में डील करते हों.  
  • एजुकेशन इंस्टीट्यूट, होटल, हॉस्पिटल, मॉल और शादी घर.
  • बिल्डिंग जिन्हें निर्माण के लिए सरकारी पर्मिशन की जरूरत पड़ी हो. 

एनओसी के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट क्या हैं?

  • आवेदक के केवाईसी डॉक्यूमेंट (पैन,आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट आदि).
  • आवेदक का ई-मेल और मोबाइल नंबर.
  • लोकल बॉडी द्वारा पास हुआ बिल्डिंग प्लान.
  • फायर सेफ्टी उपकरणों का लेआउट प्लान.
  • बिल्डिंग के निर्माण पूरा होने का सर्टिफिकेट.
  • आर्किटेक्चर द्वारा पास हुआ फायर सेफ्टी नियम.
  • प्रॉपर्टी के कागज़ात.
  • बिल्डिंग में लगाए गए फायर सेफ्टी उपकरणों की फोटो.
  • फायर सेफ्टी उपकरण लगाने वाला का एविडेविट.

कैसे करें फायर एनओसी के लिए आवेदन

  • सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉगिन कर बेसिक डिटेल फिल करें.
  • पर्मिशन सेक्शन से फायर डिपार्टमेंट चुनें. जिसके बाद एनओसी तो चुनें.
  • एनओसी के लिए मांगी गई सभी डिटेल भरें.
  • सभी डॉक्यूमेंट की स्कैन हुई कॉपी अपलोड करें.
  • जिसके बाद डिपार्टमेंट की तरफ से आवेदन को जांचा जाएगा.
  • यदि सब सही पाया गया तो प्रॉपर्टी का नीरिक्षण किया जाएगा.
  • सबकुछ ठीक पाए जाने पर आपको फायर एनओसी जारी की जाएगी.

कितनी लगेगी फीस?

  • फीस कई फैक्टर पर आधारित होती है. जैसे बिल्डिंग टाइप, एरिया, कैटेगरी आदि. 
  • छोटी कमर्शियल बिल्डिंग के लिए 2000-5000 फीस लगेगी.
  • मध्यम औद्योगिक फैक्टरी के लिए 5000-15000 फीस लगेगी.
  • बड़ी फैक्टरी, गोदाम, मॉल, हॉस्पिटल के लिए 15000-50000+ फीस लगेगी.

फायर एनओसी की वैलिडिटी

  • कमर्शियल और आद्योगिक बिल्गिंड के लिए 1 साल.
  • रिहायशी बिल्डिंग के लिए 1-3 साल तक.