जियांग युकिन (image- social media)
जियांग युकिन (image- social media)
101 year old woman's routine: आपने अक्सर सुना होगा कि, लोग हेल्दी लाइफ और लंबा जीने के लिए जल्दी सोते हैं, चीनी के बिना खाना खाते हैं और सख्त लाइफस्टाइल फॉलो करते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि चीन की सबसे ज्यादा उम्र वाली महिला इन सारी धारणाओं से अलग काम करती है. हम बात कर रहे हैं 101 वर्षीय महिला जियांग युकिन के बारे में. चलिए आपको बताते हैं इनके लंबी उम्र का राज...
जहां लंबी उम्र के लिए अधिकांश स्वास्थ्य विशेषज्ञ जल्दी सोने, हल्का भोजन करने और अनुशासित दिनचर्या का पालन करने की सलाह देते हैं. वहीं जियांग ठीक इसके उल्टा काम करती हैं. उसकी सुबह आमतौर पर सुबह 10 बजे होती है. वह अपने दिन की शुरुआत एक कड़क ग्रीन टी से करती हैं. शाम होते-होते वह टीवी देखने बैठ जाती है और अक्सर रात 2 बजे तक जागती रहती है.
शाम 6 बजे खा लेती हैं खाना
जियांग आमतौर पर शाम 6 बजे खाना खा लेती हैं. अगर भूख लगे तो चाहे कितनी भी रात हो वह स्नैक्स खाती हैं. सिर्फ यही नहीं, जियांग को कई तरह के स्नैक्स पसंद हैं. कहते हैं कि उनके दांत अभी भी काफी मजबूत हैं. जब उनकी मां की लंबी उम्र के राज के बारे में पूछा गया, तो बेटी ने कहा, 'अच्छा खाना, अच्छी नींद और ग्रीन टी का मजा लेना, ये सब जरूरी है.' वह आगे कहती हैं, ‘लेकिन इन सबसे ज्यादा जरूरी मेरी मां का शांत स्वभाव है. वह कभी मन में गुस्सा या बदला नहीं रखतीं और जिंदगी को बहुत शांति से जीती हैं.’
उनकी लंबी उम्र का रहस्य
उसके परिवार के अनुसार, यह कोई सख्त डाइट फॉलो नहीं है. यह मन की शांति है. जियांग अपने शांत स्वभाव के लिए जानी जाती हैं. वह तनाव से दूर रहती हैं, मन में किसी से बैर नहीं रखतीं और अनावश्यक चिंताओं से मुक्त होकर शांति से जीवन जीना पसंद करती हैं. उनकी बेटी याओ सोंगपिंग कहती हैं कि जियांग गहरी नींद सोती हैं, तरोताजा होकर उठती हैं और उन्हें शायद ही कभी चिंता होती है. वह धीरे-धीरे खाती है, ध्यान से चबाती है और कभी भी भोजन करने में जल्दबाजी नहीं करती, ये आदतें शायद अनजाने में ही वर्षों से उसके दांतों के स्वास्थ्य की रक्षा करती रही हैं.
101 वर्ष की आयु में मुस्कुराती रहती हैं
101 वर्ष की आयु में भी जियांग युएकिन मुस्कुराती रहती हैं, अपने पसंदीदा स्नैक्स का आनंद लेती हैं और अपनी शर्तों पर जीवन जीती हैं. उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि उम्र बढ़ने का मतलब हमेशा नियमों का पालन करना नहीं होता, बल्कि कभी-कभी अपने शरीर की बात सुनना और मानसिक रूप से शांत रहना भी होता है.
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