Elephant
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आज World Elephant Day है. दुनिया के सबसे बड़े स्थलीय जीव हाथियों के संरक्षण और उनके सामने मौजूद खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस मनाया जाता है. हाथियों से जुड़ी कई बातें बेहद हैरान करने वाली हैं. वे दिन का बड़ा हिस्सा खाना खाने में बिताते हैं और एक हाथी एक दिन में 200 किलो से ज्यादा गोबर कर सकता है. अब वैज्ञानिक इसी गोबर की मदद से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जंगलों में कितने हाथी बचे हैं और वे कहां घूम रहे हैं.
अफ्रीकी जंगलों में तेजी से घट रही हाथियों की संख्या
अफ्रीकी वन हाथियों की संख्या तेजी से घट रही है. वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड के अनुमान के मुताबिक जंगलों में अब करीब 1.35 लाख अफ्रीकी वन हाथी ही बचे हैं. मध्य और पश्चिमी अफ्रीका के जंगलों में हाथियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. बड़े पैमाने पर अवैध शिकार के कारण यहां हाथियों की संख्या में भारी गिरावट आई है.
16 घंटे तक खाते हैं, एक दिन में 270 किलो तक भोजन
हाथी दिन में करीब 16 घंटे तक खाना खा सकते हैं. जंगल में एक हाथी एक दिन में करीब 250 से 300 पाउंड यानी लगभग 110 से 135 किलो भोजन खाना सामान्य माना जाता है. हालांकि जरूरत पड़ने पर एक हाथी एक दिन में करीब 600 पाउंड यानी 270 किलो तक खाना खा सकता है. हाथी अपने भोजन को पूरी तरह पचा नहीं पाते. उनका पाचन तंत्र भोजन का 50% से भी कम हिस्सा शरीर में इस्तेमाल कर पाता है. यही वजह है कि वे दिन में कई बार गोबर करते हैं.
दिन में 12 से 15 बार गोबर
एक हाथी दिन में करीब 12 से 15 बार गोबर करता है. एक दिन में उसके गोबर की कुल मात्रा करीब 100 से 115 किलो तक हो सकती है. हाथी के गोबर से निकलने वाली मीथेन गैस की मात्रा भी काफी होती है. अनुमान के मुताबिक एक हाथी से एक दिन में पैदा होने वाली मीथेन से एक कार करीब 20 मील यानी लगभग 32 किलोमीटर तक चल सकती है.
रोज 100 से 200 लीटर पानी पीते हैं
हाथियों को पानी की भी बड़ी जरूरत होती है. एक हाथी रोज करीब 100 से 200 लीटर पानी पी सकता है. उसकी सूंड में करीब 2.5 गैलन यानी लगभग 9.5 लीटर पानी एक बार में आ सकता है. सूंड हाथी के लिए सिर्फ नाक नहीं है, बल्कि यह हाथ की तरह काम करती है. इससे वह खाना उठाता है, पानी पीता है, धूल उड़ाता है, जमीन खोदता है और दूसरे हाथियों को संकेत भी देता है.
एशिया में करीब 50 हजार हाथी बचे
दुनिया में करीब 50 हजार एशियाई हाथियों के बचे होने का अनुमान है. इनमें से करीब 13 हजार हाथी एशियाई देशों में इंसानों की देखरेख में रहते हैं. हाथियों के शरीर पर हर जगह बाल होते हैं और उनकी आंखों पर पलकें भी होती हैं.
हाथियों की गिनती में गोबर बनेगा वैज्ञानिकों का सहारा
अब वैज्ञानिक हाथियों की संख्या और उनकी आवाजाही का पता लगाने के लिए एक अनोखे तरीके पर काम कर रहे हैं. वे हाथियों के गोबर का अध्ययन कर रहे हैं. गोबर से मिले डीएनए और दूसरी जैविक जानकारी के जरिए वैज्ञानिक यह समझ सकते हैं कि किसी इलाके में कितने अलग-अलग हाथी मौजूद हैं और वे किस क्षेत्र में घूम रहे हैं.
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