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धर्म

इस शहर में 40 लाख रुपये से बन रहा दुर्गा पंडाल, बाहर मोर पंखों की थीम, अंदर दिखेगी अंडमान की अनोखी संस्कृति, आपने देखा क्या?

Durga Puja Pandal
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धनबाद के स्टील गेट में इस बार दुर्गा पूजा का नजारा कुछ खास होने वाला है. यहां करीब 40 लाख रुपए की लागत से भव्य पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है. पंडाल की बाहरी बनावट तीन मोर पंखों की थीम पर आधारित है. वहीं, अंदर पहुंचने पर श्रद्धालुओं को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की आदिवासी जनजातियों की संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी. पंडाल को खास बनाने के लिए कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं.

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बाहर मोर पंखों की थीम, अंदर अंडमान की संस्कृति
स्टील गेट दुर्गा पूजा समिति इस बार श्रद्धालुओं को कुछ अलग दिखाने की तैयारी में है. करीब 40 लाख रुपए से तैयार हो रहे इस पंडाल की बाहरी सजावट तीन मोर पंखों की थीम पर की जा रही है. इसकी बनावट और कलाकारी लोगों का ध्यान खींचने वाली है. 

Durga Puja Pandal
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पंडाल के अंदर अंडमान-निकोबार की आदिवासी जनजातियों के रहन-सहन, परंपराओं और सांस्कृतिक जीवन को दिखाने की कोशिश की गई है. इसके लिए प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है. खास लाइटिंग भी की जाएगी, जिससे पंडाल की सजावट और खूबसूरत दिखेगी. समिति के सचिव तपन कुमार मंडल और सदस्य नित्या साव के मुताबिक, हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं को कुछ नया दिखाने की तैयारी है. पंडाल की थीम में धार्मिक आस्था के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति को भी जगह दी गई है.

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फलों के बीजों से सजेगी मां दुर्गा की प्रतिमा
इस बार पंडाल के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा भी खास आकर्षण होगी. पश्चिम बंगाल के दीघा से आए कारीगर राजकुमार मंडल प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. प्रतिमा की सजावट में फलों के बीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस खास कलाकारी को तैयार करने में करीब 25 से 30 दिन लगे हैं. फलों के बीजों से की गई सजावट प्रतिमा को अलग रूप दे रही है. बारीकी से किए गए इस काम में कारीगरों की मेहनत साफ दिखाई देती है. पूजा के दौरान श्रद्धालु मां के दर्शन के साथ इस अनूठी सजावट को भी देख सकेंगे.

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पूजा के साथ मेले का भी उठा सकेंगे आनंद
स्टील गेट के पंडाल को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह है. उत्तर प्रदेश से आईं पिंकी कुमारी ने यहां की सजावट और थीम की तारीफ की. उनके मुताबिक, लकड़ी, बांस और दूसरी प्राकृतिक चीजों से तैयार की जा रही सजावट आकर्षक है. पंडाल के साथ मेले का भी आयोजन किया जाएगा. इससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के साथ घूमने-फिरने का मौका मिलेगा. बच्चे, युवा और परिवार के दूसरे सदस्य भी मेले का आनंद उठा सकेंगे.