scorecardresearch
Advertisement
धर्म

Ganesh Chaturthi 2026: झांसी में गणेश चतुर्थी की धूम, शिवलिंग वाले गणपति से लेकर AI डिजाइन तक, मूर्तियों की बढ़ी डिमांड

Ganesh Chaturthi
1/5

गणेश चतुर्थी का पर्व नजदीक आते ही झांसी में भगवान गणेश की प्रतिमाओं का बाजार सजकर तैयार हो गया है. शहर के अलग-अलग इलाकों में मूर्तिकार और मूर्ति विक्रेता गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. बाजार में इस बार भगवान गणेश के पारंपरिक स्वरूप के साथ-साथ कई नए और आकर्षक डिजाइन देखने को मिल रहे हैं. खास तौर पर भगवान भोलेनाथ से जुड़े स्वरूपों वाली गणेश प्रतिमाएं लोगों को खूब पसंद आ रही हैं. शिवलिंग के साथ गणेश प्रतिमा, भगवान शंकर के भेष में गणेश और लालबाग के राजा के स्वरूप वाली प्रतिमाओं की मांग भी देखने को मिल रही है. इसके साथ ही एआई डिजाइन से तैयार किए गए नए स्वरूप लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.

Ganesh Chaturthi
2/5

घर में गणपति की स्थापना के लिए एक से तीन फीट तक की प्रतिमाओं की मांग सबसे अधिक है. ग्राहक अपनी पसंद और बजट के हिसाब से प्रतिमाओं के आकार, डिजाइन और सजावट का चुनाव कर रहे हैं. वहीं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस बार मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं की मांग भी बढ़ी है. मूर्ति विक्रेताओं का कहना है कि लोग अब ऐसी प्रतिमाएं खरीदने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं, जिनका विसर्जन घर पर ही आसानी से किया जा सके और पर्यावरण को नुकसान भी न पहुंचे.
 

Ganesh Chaturthi
3/5

गल्ला मंडी रोड पर मूर्ति की दुकान लगाने वाले देवेंद्र कुशवाहा ने बताया कि इस बार वह करीब 800 से 1000 गणेश प्रतिमाएं लेकर आए हैं. इनमें भगवान गणेश के अलग-अलग डिजाइन और स्वरूप वाली प्रतिमाएं शामिल हैं. देवेंद्र के मुताबिक इस बार भगवान शंकर से जुड़े स्वरूपों और एआई डिजाइन वाली प्रतिमाओं की मांग ज्यादा देखने को मिल रही है. गणेश उत्सव को लेकर लोगों में काफी उत्साह है और बाजार में भी खरीदारों की आवाजाही बढ़ने लगी है. देवेंद्र ने बताया कि उनकी ज्यादातर प्रतिमाएं मिट्टी से तैयार की गई हैं. इन प्रतिमाओं को इको-फ्रेंडली तरीके से तैयार किया गया है. उनका कहना है कि विसर्जन के बाद मिट्टी की प्रतिमाएं करीब 15 से 20 मिनट में पानी में गल जाती हैं. प्रतिमाओं पर ऐसे कच्चे रंगों का इस्तेमाल किया गया है, जो पानी में घुल जाते हैं और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते.

Ganesh Chaturthi
4/5

स्कूल के बाद मूर्तियों को सजाने में जुटा अंशुमन
मूर्ति सजाने का काम कर रहे अंशुमन कुशवाहा ने बताया कि वह स्कूल से आने के बाद अपने मामा की दुकान पर मूर्तियों को सजाने में हाथ बंटाते हैं. उनके परिवार के कई लोग लंबे समय से मूर्ति बनाने और बेचने के काम से जुड़े हुए हैं. दुकान पर करीब एक हजार प्रतिमाएं रखी गई हैं, जिन्हें गणेश चतुर्थी से पहले अंतिम रूप दिया जा रहा है. अंशुमन के मुताबिक इस बार भगवान शंकर से जुड़े स्वरूप और एआई डिजाइन वाली गणेश प्रतिमाएं लोगों को ज्यादा पसंद आ रही हैं. उन्होंने बताया कि मिट्टी से बनी प्रतिमाओं को आसानी से घर में रखे टब या तालाब में विसर्जित किया जा सकता है. मूर्तियों को सजाने और उन्हें आकर्षक रूप देने में उन्हें काफी उत्साह और खुशी महसूस हो रही है.
 

Ganesh Chaturthi
5/5

शिवलिंग के साथ गणेश की प्रतिमा ने खींचा ग्राहक का ध्यान
गणेश उत्सव की तैयारी के लिए मूर्ति खरीदने पहुंचे प्रशांत ने बताया कि बाजार में भगवान गणेश की कई खूबसूरत प्रतिमाएं देखने को मिलीं, लेकिन शिवलिंग के साथ गणेश की एक प्रतिमा उन्हें सबसे ज्यादा पसंद आई. उन्होंने कहा कि प्रतिमा का अनोखा स्वरूप उन्हें काफी आकर्षित कर रहा है. प्रशांत ने बताया कि वह इस बार मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली प्रतिमा खरीदना चाहते हैं. उनका कहना है कि पीओपी की प्रतिमाएं पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं, इसलिए उन्होंने मिट्टी की प्रतिमा को प्राथमिकता दी है. उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव को लेकर लोगों में काफी उत्साह है और यह पर्व समाज के लोगों को एकजुट करने का भी काम करता है.

गणेश चतुर्थी को लेकर जैसे-जैसे पर्व नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे झाँसी के मूर्ति बाजार में रौनक बढ़ती जा रही है. मूर्तिकारों की कार्यशालाओं और दुकानों पर गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है. कोई प्रतिमा पर रंग भर रहा है तो कोई मुकुट, आभूषण और अन्य सजावटी सामान लगा रहा है. दुकानदारों को इस बार पिछले साल की तुलना में बेहतर कारोबार की उम्मीद है.