सावन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली श्रावणी शिवरात्रि इस वर्ष मंगलवार को पड़ रही है. ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार के दिन सावन शिवरात्रि का पड़ना शुभ और दुर्लभ संयोग माना जाता है. श्रद्धालु इसे भगवान शिव के साथ उनके परम भक्त हनुमान जी की कृपा पाने का विशेष अवसर भी मान रहे हैं.
धार्मिक मान्यता है कि मंगलवार भगवान शिव के अंशावतार और श्रीराम भक्त हनुमान जी को समर्पित दिन माना जाता है. ऐसे में जब सावन शिवरात्रि मंगलवार को पड़ती है तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है. इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र और पुष्प अर्पित करने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
श्रावणी शिवरात्रि के दिन सुबह से ही मनकामेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. कांवड़िए भी पवित्र नदियों से गंगाजल और अन्य पवित्र जल लेकर मंदिर पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे. श्रद्धालु पूरे दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे. साथ ही परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करेंगे.
सावन शिवरात्रि के मौके पर मंदिरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिव चालीसा और रात्रि जागरण जैसे धार्मिक आयोजन भी होंगे. श्रद्धालु रात में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे. वहीं प्रशासन की ओर से प्रमुख शिवालयों में सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि भक्त शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन और पूजा कर सकें.
श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन शिवरात्रि पर सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख, शांति व समृद्धि का मार्ग खुलता है. मंगलवार के संयोग ने इस बार की श्रावणी शिवरात्रि को श्रद्धालुओं के लिए और भी खास बना दिया है.