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वैदिक परंपरा से 101 जगहों पर होलिका दहन, राख से बनाया जाएगा बर्तन धोने का साबुन

गुजरात में अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन इस साल 101 जगहों पर होलिका दहन वैदिक परंपरा से मनाएगा. इस दौरान होलिका दहन में लकड़ियों की जगह गाय के गोबर से बनी स्टिक और उपलों का इस्तेमाल होगा. AMC ने 5 ऐसी जगहों को चिह्नित किया है, जहां वैदिक तरीके से होलिका दहन के बाद राख को कलेक्ट किया जाएगा, इससे बर्तन धोने में इस्तेमाल होने वाला साबुन बनाएंगे.

Holika Dahan 2026 Holika Dahan 2026

गुजरात में अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन द्वारा पिछले 2 साल से भारतीय परंपरा में मनाए जाने वाले होलिका दहन पर्व को 'वैदिक होली' के रूप में अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जा रहा है. जिसे आगे बढ़ाते हुए AMC का CNCD विभाग इस साल शहर में 101 जगहों पर होलिका दहन वैदिक परंपरा से हो. मतलब होलिका दहन में लकड़ियों की जगह गाय के गोबर से बनी स्टिक और उपलों का उपयोग हो, इस दिशा के प्रयासरत है.

वैदिक होली के तौर पर मनाई जाएगी होलिका दहन-
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद नगर निगम के CNCD विभाग का प्रयास है कि होलिका दहन से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने के लिए गाय के गोबर से बनी स्टिक और उपलों का होलिका दहन में उपयोग हो. इससे कार्बन उत्सर्जन घटेगा, पर्यावरण का संरक्षण होगा और वातावरण की अशुद्धियां दूर होंगी. इस पहल के माध्यम से वैदिक पद्धति से होली मनाकर वातावरण को शुद्ध बनाया रखा जा सकेगा.

101 जगहों पर मनाई जाएगी वैदिक होली-
AMC के CNCD विभाग द्वारा इसकी पहल वर्ष 2024 में की गई थी, जब शहर के 11 स्थानों पर वैदिक होली मनाई गई. इसके बाद साल 2025 में 42 स्थानों पर वैदिक होली मनाई गई. लेकिन CNCD विभाग अपने अपने इस प्रयास को इस साल बढ़ाकर शहर के सातों जोनों में लगभग 101 स्थानों पर वैदिक होली आयोजित हो, इस प्रयास में कार्यरत है.

गोबर के उपले और स्टिक के बॉक्स तैयार कर रहा विभाग-
CNCD विभाग का कृपा मंदिर गाय के गोबर से बने उपले और स्टिक के बॉक्स तैयार कर रहा है. यहां मशीन मौजूद है, जहां गाय के गोबर से स्टिक बनाई जा रही है. उसे सुखाया जा रहा है और पैकिंग करके तैयार किया जा रह है. वैदिक होली मनाने के लिए 2500 रुपये के टोकन के साथ गौ-सेवा ऑनलाइन दान रसीद लेने वाली सोसायटी/स्थान के जिम्मेदार व्यक्ति को होली से एक-दो दिन पूर्व गाय के गोबर से बनी स्टिक और उपलों को CNCD विभाग द्वारा उनके दिए गए पते पर डिलीवर तक करने की तैयारी की जा रही है.

गोबर की स्टिक और उपलों का हो इस्तेमाल- डायरेक्टर
अहमदाबाद नगर निगम के CNCD विभाग के डायरेक्टर नरेश राजपूत ने कहा कि 2 साल से हमारे प्रयासों को अच्छा परिणाम मिल रहा है. ऐसे में इस साल अधिक प्रयास करके हम वेस्ट में से बेस्ट की दिशा में आगे बढ़ना चाहते है. अहमदाबाद शहर स्वच्छता के मामले में पहले नंबर पर है. तो उसके लिए अलग अलग तरीके से नगर निगम प्रयासरत है. हमारे CNCD विभाग द्वारा इस साल भी होलिका दहन के लिए लोग लकड़ी का इस्तेमाल ना करें और गाय के गोबर से बनी स्टिक और उपलों का इस्तेमाल हो, इस दिशा में महेनत कर रहा है. अब तक हमें 40 से ज्यादा सोसायटियों या होलिका दहन कार्यक्रम स्थलों से ऑर्डर मिल चुके है. 

राख से बनाएंगे बर्तन धोने का साबुन- डायरेक्टर नरेश
CNCD विभाग के डायरेक्टर नरेश राजपूत ने कहा कि होलिका दहन के लिए लकड़ी का इस्तेमाल रोकने में सफलता मिलेगी. साथ में वैदिक होली से हमें लाभ होगा. हम यही नहीं रुकेंगे. इस बार ऐसी 5 जगहों को हमने चिह्नित किया है, जहां वैदिक तरीके से होलिका दहन के बाद राख को हम कलेक्ट करेंगे. इससे बर्तन धोने में इस्तेमाल होने वाला साबुन बनायेंगे. आज भी गांवो में बर्तन धोने के लिए राख का इस्तेमाल होता है. उसी तरह हम होलिका दहन के बाद जो राख मिलेगी, उससे साबुन भी तैयार करेंगे. कोशिश यही है कि जितना भी हो सके, उतना वेस्ट में से बेस्ट कर सकें. लोगों का सहयोग अच्छा मिल रहा है.

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