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Ram Setu Sari: दुष्यंत मेहर ने बनाई विशेष राम सेतु साड़ी, 3 महीने में बनाई गई इस साड़ी में क्या है खास

Ram Temple: ओडिशा के एक राम भक्त ने खादी की एक विशेष साड़ी बनाई है. जिसपर राम सेतु से जुड़े पात्रों को उकेरा गया है. इसमें प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया गया है. शिल्पकार दुष्यंत मेहर को इस साड़ी को बनाने में 3 महीने का वक्त लगा.

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Ram Setu Sari Ram Setu Sari

अयोध्या के राम मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई. इस मौके पर हर क्षेत्र की दिग्गज हस्तियां रामनगरी में मौजूद रहीं. पीएम मोदी, यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनात, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से लेकर बॉलीवुड के दिग्गज सितारे अमिताभ बच्चन, रणबीर कपूर, विक्की कौशल, कटरीना कैफ, सोनू निगम तक शामिल हुए.

इस मौके पर देशभर में जश्न मनाया गया. जगह-जगह कार्यक्रम में आयोजित किए गए. अलग-अलग तरीके से लोग जश्न मना रहे हैं. ओडिशा के संबलपुर के एक परिवार ने रामायण की राम सेतु गाथा को समर्पित एक साड़ी बनाई है. दुष्यन्त मेहर का परिवार सदियों से हथकरघा साड़ी बनाने का काम करता है और प्राण प्रतिष्ठा समारोह को ध्यान में रखते हुए उनके परिवार ने राम सेतु और रामायण के पात्रों को दर्शाते हुए एक विशेष साड़ी बनाई है.

3 महीने में बनी साड़ी-
दुष्यंत मेहर के मुताबिक साड़ी खादी से बनी है और साड़ी बनाने में उनके परिवार को तीन महीने लगे. उन्होंने कहा कि हमने इस राम सेतु साड़ी को टाई और डाई की विधि से बनाया है. राम सेतु रामायण का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां सभी प्राणियों ने भगवान राम को लंका पहुंचने में मदद की थी और इसमें किसी को चोट नहीं आई थी. यह हमें एक पृथ्वी और एक परिवार, वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देता है. 
शिल्पकार दुष्यंत मेहर को साल 2015 में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. दुष्यंत के मुताबिक उनके पिता की ईश्वर मेहर वजह से ये विशेष साड़ी बन पाई.

साड़ी में क्या है खास-
इस साड़ी को विशेष तौर पर बनाई गई है. इसपर राम सेतु से जुड़ी कलाकृतियां बनाई गई हैं. इस साड़ी पर जमुवंत, नल, नील, सुग्रीव, हनुमान और राम सेतु से जुड़े अन्य पात्र उकेरे गए हैं. निर्माता इस खास साड़ी को दिल्ली के जगन्नाथ मंदिर, हौज खास में प्रदर्शित कर रहे हैं. मेहर का कहना है कि राम नवमी के मौके पर मैं भगवान राम का आशीर्वाद लेने के लिए अपनी इस साड़ी को अयोध्या ले जाऊंगा.
 
साड़ी में प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल-
दुष्यन्त मेहर ने यह भी बताया कि साड़ी पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनी है. साड़ी की बॉडी राम सेतु को दर्शा रही है और साड़ी का आंचल रामायण के पात्रों को दर्शा रहा है. नेवी ब्लू और हल्के नीले रंग की साड़ी फूलों, गुड़, बेसन, लोहे के जंग और नील से निकाले गए प्राकृतिक रंगों का उपयोग करके बनाई जाती है.

(नई दिल्ली से अनमोल नाथ बाली की रिपोर्ट)

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