Badrinath Dham yatra 2026
Badrinath Dham yatra 2026
उत्तराखंड में इस वर्ष बदरीनाथ धाम यात्रा अपने चरम पर पहुंच गई है. धाम के कपाट खुलने के महज एक महीने के भीतर ही 5.56 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं. यह आंकड़ा पिछले सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुका है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बदरीनाथ धाम इन दिनों पूरी तरह आस्था के रंग में डूबा नजर आ रहा है. धाम में भक्तों की भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दो दिनों में ही 60 हजार से अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचे और भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए. शुक्रवार को 33 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की आवक दर्ज की गई, जबकि शनिवार को 32 हजार से ज्यादा भक्त धाम पहुंचे. लगातार बढ़ती संख्या ने प्रशासन की चुनौती भी बढ़ा दी है.
छह साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
बताया जा रहा है कि इससे पहले वर्ष 2019 में एक महीने के भीतर 5.50 लाख तीर्थयात्रियों के पहुंचने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था, जो अब करीब छह साल बाद टूट गया है. वहीं, वर्ष 2023 में एक महीने के भीतर करीब 4.50 लाख श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे थे. इस बार यात्रा ने बीते सभी वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है.
चारों तरफ गूंज रहे जय बद्री विशाल के जयकारे
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की तस्वीरें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां किस तरह पैदल जाम जैसी स्थिति बनी हुई है. हर कोई भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए उत्साहित और बेताब नजर आ रहा है. जहां नजर डालो, वहां श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं. ऐसा लग रहा है मानो बदरीनाथ धाम में आस्था का महाकुंभ लगा हो. पूरे धाम में 'जय बद्री विशाल' के जयकारे गूंज रहे हैं और हर ओर भक्तिमय माहौल बना हुआ है.
व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने पहुंचे SDRF अधिकारी
यात्रा के एक महीने पूरे होने पर एसडीआरएफ के कमांडिंग ऑफिसर अपर्ण कुमार यदुवंशी बदरीनाथ धाम पहुंचे और यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. उन्होंने बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों के लिए दर्शन व्यवस्था को और सुगम बनाने के निर्देश दिए. एसडीआरएफ की टीम लगातार धाम में मौजूद रहकर यात्रियों की मदद कर रही है.
वहीं, बढ़ती भीड़ के चलते स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर बैरिकेडिंग होने से आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि इस वर्ष यात्रा अपने चरम पर है, इसलिए व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर और व्यवस्थित बनाने की जरूरत है.
(रिपोर्ट- कमल नयन सिलोड़ी)
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