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Pandit Dhirendra Krishna Shastri: मैं हनुमान का भक्त हूं...बागेश्वर महाराज ने खुद खोला अपनी शक्तियों का राज, जानिए क्या कहा ?

पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जब मैं गद्दी पर नहीं बैठा होता हूं तो एक साधारण इंसान रहता हूं. गद्दी पर बैठने के बाद भगवान बालाजी और हनुमान जी से जो आदेश मिलते हैं, उन्हें पुर्जी पर लिख देता हूं.

Pandit Dhirendra Krishna Shastri (photo Twitter) Pandit Dhirendra Krishna Shastri (photo Twitter)
हाइलाइट्स
  • मैं जब गद्दी पर नहीं बैठा होता हूं तो एक साधारण इंसान रहता हूं

  • मैं कोई अंतर्यामी नहीं हूं, मैं अपने ईष्ट देव का साधक हूं

नागपुर विवाद के बाद बागेश्वर धाम के महाराज पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री सुर्खियों में हैं.उनपर लग रहे आरोपों के बीच कई लोग उनके पक्ष में खड़े होने लगे हैं. वहीं कोई उन्हें चमत्कारी बाबा कह रहा है तो कोई उन्हें अंधविश्वास फैलाने वाला बता रहा है. उधर, बाबा ने विवाद में सफाई देते हुए बताया कि मैं कोई माइंड रीडर नहीं हूं. 

पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जब मैं गद्दी पर नहीं बैठा होता हूं तो एक साधारण इंसान रहता हूं. गद्दी पर बैठने के बाद भगवान बालाजी और हनुमान जी से जो आदेश मिलते हैं, उन्हें पुर्जी पर लिख देता हूं. उल्लेखनीय है कि बागेश्वर बाबा, अपने दिव्य दरबार में लोगों की समस्या सुनते हैं. लोगों के मन की बात उनके बताने से पहले ही पढ़कर एक पर्ची में लिख देते हैं. बाबा लोगों को इस समस्या का समाधान भी बताते हैं. 

खुद को संत और तपस्वी बताने से किया इंकार 
बागेश्वर महाराज खुद को संत और तपस्वी नहीं बताते हैं. वह कहते हैं कि मैं कोई अंतर्यामी नहीं हूं. मैं अपने ईष्ट देव का साधक हूं. मैं लोगों की अर्जी पर जो बात लिखता हूं. उसका निर्देश हमें हमारे गुरु से मिलता है.अब लोग खुद तय करते हैं कि मैंने जो लिखा है वह सही है या फिर गलत है. बागेश्वर महाराज ने कहा कि मेरे साथ साजिश होगी मैंने पहले ही इसके लिए घोषणा कर दी थी. उन्होंने बताया कि मेरे दरबार में लोग भूत-प्रेत बाधा लेकर आते हैं. मैं लोगों को यह बताने की कोशिश करता हूं कि सनातन धर्म के मंत्रों में इतनी ताकत है कि प्रेत बाधा को दूर कर सकती है.

हम धर्मांतरण रोकेंगे और घर वापसी कराएंगे
सोशल मीडिया पर बागेश्वर धाम सरकार के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने एक वीडियो जारी कर कहा कि हमें इस विषय पर ज्यादा पड़ना नहीं है और ना जरूरी है. जब से सनातन धर्म के लिए घर वापसी का मुद्दा उठाया तब से आये दिन षड़यंत्र लगातार किए जा रहे हैं. हमें डिगना नहीं है, रूकना नहीं है. नागपुर वाले विषय पर हम समिति के अध्यक्ष से कहेंगे कि कभी आपने पादरी के ऊपर उंगली क्यों नहीं उठाई, वो जो धर्मांतरण करते हैं उसके ऊपर आपने उंगली क्यों नहीं उठाई? हम कभी भी अंधविश्वास नहीं फैलाते, हनुमान जी के नाम से प्रार्थना करते हैं और अगर किसी का कल्याण हो जाता है तो ये ईष्ट चमत्कार. हम धर्मांतरण रोकेंगे और घर वापसी कराएंगे. हम साधु-संतों का साथ लेकर आशीर्वाद लेकर पूरे भारत में झंडा लगाएंगे. ये तो अभी ट्रेलर है अभी बड़ी-बड़ी चुनौतियां आएंगी और हम लोग अभी डर गए, डिग गए जाएंगे मुर्दा हो जाएंगे. ये लोग हमारे ऊपर अत्याचार कर देंगे, सनातन को मिटाने की साजिशें कर देंगे.

दादा को मानते हैं अपना गुरु
बागेश्वर धाम के महंत धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री 9 वर्ष की उम्र से ही बागेश्वर बालाजी के मंदिर पूजा के लिए जाने लगे थे. दरअसल, उनके दादा इसी मंदिर में पुजारी थे. लिहाजा, वे अपने दादा को अपना गुरु मानते हैं. धीरेंद्र शास्त्री बताते हैं कि उन्होंने अपने दादा से ही रामकथा सीखी थी. लिहाजा, वे अपने दादा की तरह हर शनिवार और मंगलवार को दिव्य दरबार लगाते हैं.

वेबसाइट पर बिकता है 'बागेश्वर धाम महायंत्र'
बागेश्वर धाम की एक वेबसाइट भी है जो विभिन्न सेवाएं प्रदान करती है, यहां तक ​​कि गरीबी से छुटकारा पाने के  लिए भी. यहां एक 'बागेश्वर धाम महायंत्र' बेचा जाता है, जिसका दावा है कि इसे कई ब्राह्मणों का आशीर्वाद प्राप्त है और यह उन लोगों को लाभान्वित करेगा जोबहुत मेहनत करते हैं लेकिन फिर भी उनके पास पैसा नहीं है.

बाबा बागेश्वर धाम के अनमोल वचन
1. जो लोग हर समय अभाव के बारे में सोचते रहते हैं उनको नहीं पता है कि यदि अभाव नहीं होगा तो, प्रभाव का महत्व कभी नहीं पता चलेगा.
2. जो लोग अभाव में होते हैं वह ज्यादा भजन करते हैं, प्रभाव के समय भजन नहीं हो सकता.
3. सुख और दुख को झूले की गति से देखिए, दुख का झूला जितना पीछे जाएगा सुख का झूला उससे और आगे जाएगा.
4. प्रार्थना मनुष्य को हर बुरे समय से बचा सकती है.