Lord Shiva
Lord Shiva
भगवान शिव की स्तुतियां अत्यंत विशेष मानी जाती हैं. उनकी स्तुतियां सामान्यतः छंदात्मक हैं. अलग-अलग स्वरूपों के लिए उनकी अलग- अलग स्तुतियों की रचना की गई है. विशेष स्थितियों में इनकी स्तुतियों का प्रभाव अचूक होता है. हर स्तुति के पाठ के पूर्व उससे सम्बंधित स्वरुप का ध्यान कर लेना चाहिए. महादेव के प्रिय माह सावन में भगवान शिव की स्तुतियों का विशेष महत्व होत है. भगवान शिव की स्तुतियों का पाठ करने से मन को शांति मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. भगवान शिव की स्तुति का पाठ सोमवार के दिन विशेष रूप से करना चाहिए.
शिव पंचाक्षरी स्रोत
यह शिव जी के पंचाक्षरी नमः शिवाय की व्याख्या है. यह पांच तत्वों की शक्ति से भरा हुआ है. इसके निरंतर पाठ से शिव कृपा अवश्य मिलती है. इसका पाठ हमेशा शिव जी की कृपा बनाए रखता है.
शिव तांडव स्रोत
शिव तांडव स्रोत भगवान शिव के परम भक्त रावण द्वारा की गई एक विशेष स्तुति है. यह स्तुति छन्दात्मक है और इसमें बहुत सारे अलंकार हैं. किसी भी कठिनतम स्थिति में इस स्रोत का पाठ किया जा सकता है. अशुभ ग्रहों की दशा में इसका पाठ विशेष लाभकारी होता है. अगर नृत्य के साथ इसका पाठ करें तो सर्वोत्तम होगा. पाठ के बाद शिव जी का ध्यान करें और अपनी प्रार्थना करें.
दारिद्रय दहन स्रोत
यह स्रोत महर्षि वशिष्ठ द्वारा रचित है. इसका पाठ करने से दरिद्रता का नाश होता है. अगर आर्थिक स्थिति खराब हो तो इसका पाठ अवश्य करें. इसका पाठ दोनों वेला करना चाहिए. इसके पाठ के साथ सात्विकता बनाए रखना जरूरी है.
मिलेगी सफलता
सावन के महीने में जितना दिन भी संभव हो शिव मंदिर में दीपक जरूर जलाएं. प्रातःकाल शिव जी को जल और बेलपत्र अर्पित करें. इसके बाद नौ बार नमः शिवाय का जप करें. भगवान शिव की स्तुतियों का पाठ करें. ऐसा करने से दिन भर के कार्यों में सफलता मिलेगी.