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Bodh Gaya Mahabodhi Temple: अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान जंग से बोधगया के व्यवसाय को नुकसान, बुद्ध पूर्णिमा के दिन वाले वाले विदेशी पर्यटक करा रहे बुकिंग कैंसिल

अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान जंग का बोधगया पर असर साफ दिख रहा है. विदेशी पर्यटक नहीं आने के कारण सन्नाटा पसरा हुआ. इतना ही नहीं विदेशी पर्यटक अपना-अपना टूर एंड ट्रेवल्स व होटल में किया हुआ बुकिंग को भी कैंसिल कर रहे हैं. इससे बोधगया के व्यवसाय को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. 

Mahabodhi Temple Mahabodhi Temple

अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली बोधगया के पर्यटन व्यवसाय पर भी दिखने लगा है. बुद्ध पूर्णिमा के दिन 1 मई 2026 और अप्रैल महीने में बोधगया आने वाले विदेशी पर्यटक अपना-अपना टूर एंड ट्रेवल्स व होटल में किया हुआ बुकिंग को कैंसिल कर रहे हैं. इसके वजह से बोधगया के व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है. ईरान और अमेरिका में बने हुए तनाव का खामियाजा बोधगया के टूर एंड ट्रेवल्स व होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों पर सीधा पड़ रहा है. विदेशी पर्यटकों के बुकिंग कैंसिल होने के कारण बोधगया के व्यवसाय को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

सिर्फ लोकल पर्यटक आ रहे नजर 
ज्ञात हो की इस वक्त बोधगया में जहां वियतनाम, कम्बोडिया, वर्मा, थाईलैंड, श्रीलंका और अमेरिका के पर्यटक से गुलजार रहना चाहिए था, वहां इस वक्त विदेशी पर्यटक नहीं आने के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है. इस वक्त बोधगया में सिर्फ लोकल पर्यटक ही नजर आ रहे हैं. बुद्ध पूर्णिमा को लेकर विदेश से आने वाले पर्यटक इंटरनेशनल फ्लाइट बंद होने के कारण कुछ नहीं आ रहे है तो कुछ पर्यटक युद्ध के चलते भारत में फंस न जाएं इसलिए अपना किया हुआ टूर एंड ट्रेवल्स व होटल का बुकिंग को कैंसिल कर रहे हैं. स्थित यह हो गई है की बोधगया के होटलो में कमरे खाली पड़े हुए है. वहीं टूर एंड ट्रेवल्स से जुड़े लोगों की गाड़िया अपने दरवाजे पर खड़ी हैं.

...ताकि पर्यटक यहां पर आएं
इस संबंध में बोधगया के टूर एंड ट्रेवल्स से जुड़े सुरेश सिंह ने बताया की अभी अप्रैल का महीना चल रहा है और पिछले वर्ष के मुताबिक इस वर्ष युद्ध के कारण बोधगया में विदेशी पर्यटक नहीं दिख रहे हैं. बोधगया की सड़क, होटल में भी देख सकते हैं कि एक भी विदेशी पर्यटक नहीं हैं. अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान युद्ध के चलते बोधगया में पर्यटक व्यवसाय बिलकुल मंदा पड़ा हुआ है. कुछ सरकार की उदासीनता के चलते भी पर्यटक बोधगया नहीं पहुंच रहे हैं. एयर इंडिया का जो विमान गया एयरपोर्ट पर आता था, उसको बंद कर दिया गया है. बंद करने का कारण हमलोग युद्ध को ही मान रहे हैं क्योंकि पर्यटक नहीं है तो उनका व्यवसाय नहीं चल रहा था तो बंद कर दिए हैं.  सरकार को चाहिए की बोधगया आने वाले फ्लाइट को चालू रखे ताकि पर्यटक यहां पर आएं.

अप्रैल का बुकिंग हो गया है कैंसिल 
बोधगया की सबसे बड़ी खासियत है की बोधगया सरकार को विदेशी मुद्रा देता है, जो विदेशी पर्यटक बोधगया आते हैं, वे 100 प्रतिशत विदेशी मुद्रा बोधगया में खर्च कर के जाते हैं. ऐसी परस्थिति में सरकार को बोधगया के बारे में एक बार सोचना चाहिए और हम अपनी बात करें तो हमारे टूर एंड ट्रेवल्स में किया गया अप्रैल का बुकिंग पूरा ही कैंसिल हो गया है. पहले हमलोग सोचे थे की अप्रैल की महीना में हमलोग पर्यटकों के बीच में बीजी रहेंगे मगर सब ख़त्म हो गया है. अप्रैल के महीने में बोधगया में वियतनाम, कम्बोडिया, वर्मा, थाईलैंड व श्रीलंका से पर्यटक आते थे, जो इस बार युद्ध के चलते नहीं आ रहे हैं. इस अप्रैल के महीने में एक टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी चार लाख रुपए कमाता था, तो बोधगया में 60 टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी है और एक होटल अगर 10 लाख रुपए कमाता होगा तो सैकड़ों होटल बोधगया में हैं. इस हिसाब से आप जोड़ सकते हैं कि कितना नुकसान बोधगया को हुआ है. 
 
बुद्ध पूर्णिमा में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या में काफी गिरावट
होटल व्यवसाय से जुड़े अश्वनी कुमार ने बताया की ईरान और अमेरिका के तनाव के चलते बोधगया में विदेशी पर्यटक बिलकुल समाप्त हो गया है और इसका मुख्य रीजन यह है की जो फ्लाइट का टिकट है बहुत महंगा हो गया है. इसको लेकर सभी पर्यटक सहज महसूस नहीं कर रहे हैं और जो पर्यटक हमारे होटल में विदेशों से आने वाले थे, वह अभी नहीं आ पा रहे हैं. अभी बुद्ध पूर्णिमा होने वाला था और बुद्ध पूर्णिमा में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या में काफी गिरावट है. इस युद्ध के चलते और हमलोगों के होटल के कमरे खाली पड़े हुए हैं, जिसके चलते काफी नुकसान हुआ है.  बोधगया के टूरिस्ट गाइड के अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया की हमलोगो का जो पर्यटक सीजन बोधगया में चलता था, वह अप्रैल महीने के अंत तक चलता था. मगर इस बार जो ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच में जो तनाव बना हुआ है,उसके चलते जो पर्यटक बोधगया में थे, वह समय से पहले ही बोधगया से निकल गए हैं. इतना ही नहीं जो आने वाले थे, वे अपना टूर कैंसिल कर दिए हैं. इस समय बोधगया में किसी भी विदेशी देश के पर्यटक नहीं हैं. 

(पंकज कुमार की रिपोर्ट)