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एक साथ 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन, 50 सालों से हर साल अलग-अलग अंदाज में गणेशोत्सव मनाती है ये फैमिली

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर का चिंतावार परिवार हर साल अनोखे तरीके से गणेशोत्सव मनाता है. पिछले 50 सालों से हर साल अलग-अलग धार्मिक झांकियां सजाते हैं. इस साल 12 ज्योतिर्लिंग की झांकी सजाई गई है और बीच में बप्पा की मूर्ति है.

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महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर में भक्ति और आस्था की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है. यहां चिंतावार परिवार ने अपने घर में ही ऐसा भव्य गणेश पंडाल सजाया है, जिसे देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल है कि यह किसी सार्वजनिक गणेश मंडल का पंडाल नहीं, बल्कि एक परिवार के घर में सजा बप्पा का दरबार है.

एक साथ 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन-
इस भव्य झांकी की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां श्रद्धालुओं को एक साथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दिव्य दर्शन हो रहे हैं. परिवार के सदस्यों ने बेहद खूबसूरती और मेहनत के साथ देशभर में स्थित ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां तैयार की हैं. सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वर और घृष्णेश्वर इन सभी ज्योतिर्लिंगों को एक ही झांकी में आकर्षक रूप से दर्शाया गया है.

पंडाल का मुख्य आकर्षण बप्पा-
बर्फीले पहाड़ों के बीच विराजमान बप्पा की मनमोहक प्रतिमा इस पूरे पंडाल का मुख्य आकर्षण बनी हुई है. पहाड़ों का वातावरण, धार्मिक स्थलों की प्रतिकृतियां और आकर्षक रोशनी मिलकर ऐसा आध्यात्मिक माहौल तैयार करती हैं, मानो भक्त घर बैठे ही एक साथ कई तीर्थस्थलों की यात्रा कर रहे हों.

चिंतावार परिवार ने की है भव्य सजावट-
यह भव्य नजारा देखकर आपको भी लगेगा कि यह किसी बड़े सार्वजनिक गणेश मंडल का पंडाल है. लेकिन इसकी खासियत यही है कि इतनी भव्य सजावट चिंतावार परिवार ने अपने घर में ही तैयार की है.

परिवार के सदस्यों ने अपनी कल्पना, मेहनत और श्रद्धा से इस झांकी को आकार दिया है. इसके पीछे केवल सजावट का उद्देश्य नहीं, बल्कि बप्पा के प्रति परिवार की गहरी आस्था और धार्मिक परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की भावना भी दिखाई देती है.

हर साल होता है विशेष उत्सव-
चिंतावार परिवार में हर वर्ष गणेशोत्सव को विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है. परिवार के सदस्य मिलकर अलग-अलग धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर झांकियां तैयार करते हैं. महीनों पहले से इसकी तैयारी शुरू हो जाती है और गणेशजी के आगमन के साथ पूरा परिवार भक्ति के रंग में रंग जाता है.

इस बार 12 ज्योतिर्लिंगों की झांकी के जरिए परिवार ने भगवान शिव और श्री गणेश के प्रति अपनी श्रद्धा को एक अनोखे रूप में प्रस्तुत किया है.

हर तरफ हो रही गणेश दरबार की चर्चा-
घर में सजे इस भव्य गणेश दरबार की चर्चा अब पूरे बल्लारपुर में हो रही है. आसपास के लोग भी इस अद्भुत सजावट को देखने पहुंच रहे हैं और बप्पा के साथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दिव्य दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं.

कहते हैं कि जहां सच्ची श्रद्धा होती है, वहां भक्ति के लिए किसी बड़े मंदिर या भव्य परिसर की जरूरत नहीं होती. चिंतावार परिवार का यह गणेशोत्सव इसी भावना की खूबसूरत मिसाल पेश कर रहा है, जहां एक घर ही बन गया है आस्था का तीर्थ.

बर्फीले पहाड़ों के बीच विराजे बप्पा... चारों ओर ज्योतिर्लिंगों की दिव्य झलक... और परिवार के हर सदस्य के मन में अटूट श्रद्धा, चिंतावार परिवार का यह गणेशोत्सव सिर्फ एक सजावट नहीं, बल्कि भक्ति, परंपरा और परिवार की एकजुट आस्था की खूबसूरत तस्वीर बन गया है.

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