scorecardresearch

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर के सभी मंदिरों में शुरू हुए दर्शन, पास सिस्टम और स्लॉट के जरिए मिलेगी एंट्री

रामनगरी अयोध्या से श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है. सोमवार से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर समेत परिसर के सभी मंदिरों और मंडपों में विधिवत दर्शन प्रारंभ हो गए हैं.

Ram Janmabhoomi Temple Ram Janmabhoomi Temple

रामनगरी अयोध्या से श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है. सोमवार से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर समेत पूरे परिसर के सभी मंदिरों और मंडपों में विधिवत दर्शन शुरू कर दिए गए हैं. इस फैसले के बाद भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है.

सभी 18 मंदिरों के खुले द्वार
मंदिर परिसर में रामलला और राम परिवार सहित कुल 18 मंदिरों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब पूरे परिसर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है. पहले जहां सीमित स्थानों पर ही दर्शन की सुविधा थी, अब भक्त पूरे परिसर में स्थापित सभी मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे. यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा आध्यात्मिक अनुभव साबित हो रही है.

पास सिस्टम से नियंत्रित होगी भीड़
प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए पास प्रणाली लागू की है. इसके तहत सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है. हर दो घंटे के स्लॉट में करीब 1500 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिल रही है. इससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिल रही है और श्रद्धालुओं को बिना धक्का-मुक्की के आराम से दर्शन का अवसर मिल रहा है.

सुबह 7 से रात 9 बजे तक दर्शन
श्रद्धालु सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक कुल 13 घंटे दर्शन कर सकते हैं. हालांकि दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक सभी मंदिरों के पट बंद रहेंगे. इसके अलावा पूरे दिन दर्शन जारी रहेंगे. पास दिखाने के बाद ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है, जिससे व्यवस्था व्यवस्थित बनी हुई है.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी में लगी हुई हैं. सीसीटीवी कैमरे और बैरिकेडिंग के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके.

दर्शन शुरू होने के साथ ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. भगवान श्रीराम के दर्शन करते हुए श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए. आधुनिक व्यवस्थाओं और पारंपरिक आस्था के इस संगम ने अयोध्या को एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया है.

-मयंक शुक्ला की रिपोर्ट

ये भी पढ़ें: