scorecardresearch

विवाह में देरी, करियर में रुकावट? मजबूत करें अपनी कुंडली का बृहस्पति, नोट कर लें गुरु कृपा पाने का ये चमत्कारी मंत्र

ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सुख, समृद्धि, ज्ञान, विवेक और संतान सुख का कारक माना गया है. कुंडली में गुरु कमजोर होने पर विवाह में देरी, करियर में रुकावट, धन हानि और पाचन तंत्र की कमजोरी जैसी समस्याएं होने लगती हैं.

गुरु ग्रह ठीक करने का उपाय गुरु ग्रह ठीक करने का उपाय

ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को देवताओं का गुरु कहा गया है. नौ ग्रहों में उनका स्थान सबसे शुभ ग्रहों में माना जाता है. मान्यता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है, उसके जीवन में ज्ञान, विवेक, सम्मान, धन, संतान सुख और तरक्की के रास्ते अपने आप खुलने लगते हैं. वहीं कमजोर बृहस्पति कई तरह की परेशानियों का कारण बन सकता है. ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति कमजोर होने पर व्यक्ति को शिक्षा, करियर और आर्थिक मामलों में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है. विवाह में देरी, संतान से जुड़ी परेशानियां, पाचन तंत्र की कमजोरी और बड़ों का सहयोग न मिलना भी इसके संकेत माने जाते हैं. कई बार व्यक्ति लगातार मेहनत करने के बावजूद सफलता हासिल नहीं कर पाता.

नौकरी, व्यापार और विवाह में भी अहम भूमिका
देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान और मार्गदर्शन का ग्रह माना जाता है. इसलिए करियर में तरक्की, नौकरी में प्रमोशन, व्यापार में विस्तार और विवाह संबंधी मामलों में भी इसका विशेष प्रभाव माना जाता है. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि शुभ बृहस्पति व्यक्ति को सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता देता है.

गुरुवार क्यों माना जाता है सबसे खास दिन?
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है. इस दिन पीले वस्त्र धारण करना, पीली वस्तुओं का दान करना और बृहस्पति मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि गुरुवार को की गई पूजा से गुरु ग्रह की कृपा जल्दी प्राप्त होती है.

ऐसे करें देवगुरु बृहस्पति की पूजा
गुरुवार सुबह स्नान के बाद पीले रंग के वस्त्र पहनें. इसके बाद बृहस्पति देव के चित्र या केले के पौधे के सामने दीपक और धूप जलाएं. चने की दाल और गुड़ का भोग अर्पित करें. पूजा के दौरान पीले फूल, केसरिया चंदन और पीले चावल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है.

गुरु कृपा पाने के प्रमुख उपाय-
गुरुवार को बिना नमक का भोजन करें.
भोजन में पीले रंग के पकवान शामिल करें.
गौ माता को चना खिलाएं.
ब्राह्मणों और गुरुओं का सम्मान करें.
घर के बुजुर्गों का आशीर्वाद लें.
केले के पौधे की सेवा करें.
पीली वस्तुओं का दान करें.

बृहस्पति के प्रभावशाली मंत्र-
ॐ बृं बृहस्पतये नमः

कुंडली में गुरु को मजबूत करने के लिए-
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः

स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में-
ॐ ग्रांग ग्रींग ग्रौंग सः गुरुवे नमः

संस्कार और मानसिक विकास के लिए-
ॐ देव पूजिताय नमः

संतान सुख के लिए-
ॐ आंगिरसाय विद्महे दिव्य देहाय धीमहि तन्नो जीवः प्रचोदयात्

108 बार जाप का बताया गया है महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बृहस्पति मंत्रों का 108 बार जाप करने से वातावरण सकारात्मक होता है और मन में एकाग्रता बढ़ती है. माना जाता है कि नियमित मंत्र जाप से गुरु ग्रह मजबूत होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि बृहस्पति केवल धन और सफलता ही नहीं, बल्कि जीवन में सही दिशा देने वाले ग्रह भी हैं. यदि व्यक्ति श्रद्धा के साथ गुरुवार के दिन पूजा, दान और मंत्र जाप करता है तो गुरु की कृपा से ज्ञान, स्वास्थ्य, समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति हो सकती है. जून 2026 में भी गुरुवार के इन उपायों को अपनाकर श्रद्धालु देवगुरु बृहस्पति का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं.
 

ये भी पढ़ें