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झरिया में दिखा काशी जैसा नजारा, हजारों दीपों से जगमगाया ऐतिहासिक राजा तालाब, पहली बार हुई भव्य गंगा महाआरती

बनारस के दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर झरिया का ऐतिहासिक राजा तालाब भी भक्ति और आस्था की रोशनी से जगमगा उठा. मौका था कार्तिक मास के पावन अवसर पर आयोजित भव्य गंगा महाआरती और दीपोत्सव का, जहां हजारों दीपों की रोशनी, शंखनाद, घंटियों की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया.

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राजा तालाब में पहली बार हुई भव्य गंगा महाआरती- राजा तालाब में पहली बार हुई भव्य गंगा महाआरती-

बनारस की गंगा आरती का नजारा अब झरिया में भी देखने को मिला. कार्तिक मास के मौके पर झरिया का ऐतिहासिक राजा तालाब हजारों दीपों की रोशनी से जगमगा उठा. शंखनाद, घंटियों की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई भव्य गंगा महाआरती ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया. आरती में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. हर-हर महादेव और गंगा मैया के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा. ऐसा लग रहा था, मानो बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी झरिया में ही उतर आई हो.

बनारस से आए पुरोहितों ने कराई महाआरती
झरिया विधायक रागिनी सिंह और धनबाद नगर निगम के महापौर संजीव सिंह की पहल पर पहली बार राजा तालाब में इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत जमशेदपुर के प्रसिद्ध भजन गायक अभिषेक पाठक और उनकी टीम की प्रस्तुतियों से हुई. भक्तिमय भजनों ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया. इसके बाद बनारस से आए पुरोहितों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ गंगा महाआरती शुरू की. एक साथ कई दीपों से हुई आरती, शंखनाद और मंत्रोच्चार ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया.

हजारों दीपों से रोशन हुआ राजा तालाब
महाआरती के साथ दीपोत्सव भी मनाया गया. श्रद्धालुओं ने तालाब के किनारे दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना की. हजारों दीपों की रोशनी से राजा तालाब का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया. बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने. लोगों में आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला.

धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा राजा तालाब
इस मौके पर झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि राजा तालाब झरिया की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है. गंगा महाआरती का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने के साथ इस धरोहर को नई पहचान देना है. उन्होंने तालाब को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में प्रयास जारी रखने की बात कही.

वहीं, धनबाद के महापौर संजीव सिंह ने भी राजा तालाब के सौंदर्यीकरण और संरक्षण पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी. पहली बार हुए इस आयोजन के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में राजा तालाब को झरिया के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा.

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