Dhanteras 2026
Dhanteras 2026
धनतेरस का त्योहार सिर्फ खरीदारी और पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दिन दीपक जलाने का भी खास महत्व होता है. दिवाली से पहले मनाए जाने वाले इस पर्व पर घर को रोशन करने की परंपरा सदियों पुरानी है. मान्यता है कि धनतेरस की रात घर में 13 दीपक जलाने से सुख-समृद्धि आती है और परिवार पर आने वाले संकट दूर रहते हैं. इन दीपकों को यम दीपम भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर दीपक को घर की एक खास जगह पर जलाने का महत्व है. आइए जानते हैं कि धनतेरस पर ये 13 दीपक कहां-कहां जलाने चाहिए.
धनतेरस पर क्यों जलाए जाते हैं 13 दीपक?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे. इसी वजह से इस दिन को धनतेरस कहा जाता है. इस दिन भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. साथ ही यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा भी है. माना जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों को अच्छी सेहत और लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है.
घर में इन 13 जगहों पर जलाएं दीपक
सबसे पहला दीपक घर के मंदिर में जलाएं. इसे अपने इष्ट देव को समर्पित करें.
दूसरा दीपक घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रखें. इसे पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है.
तीसरा दीपक तुलसी के पास जलाएं. मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा मिलती है.
चौथा दीपक घर के मुख्य द्वार पर रखें, ताकि घर में सकारात्मकता बनी रहे.
पांचवां दीपक दक्षिण दिशा में जलाएं. इसे यमराज की दिशा माना जाता है.
छठा दीपक घर के बीच वाले हिस्से में रखें.
सातवां दीपक शौचालय के बाहर जलाएं.
आठवां दीपक बालकनी या छत पर रखें.
नौवां दीपक कबाड़ या सामान रखने वाले कमरे के पास जलाएं.
दसवां दीपक चौराहे पर रखें. मान्यता है कि इससे रास्ते की बाधाएं दूर होती हैं.
ग्यारहवां दीपक पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं. इसे पितरों के आशीर्वाद से जोड़कर देखा जाता है.
बारहवां दीपक बेल के पौधे के पास रखें.
तेरहवां और आखिरी दीपक घर की खिड़कियों के पास जलाएं.
दीपक जलाते समय रखें इन बातों का ध्यान
धनतेरस की रात दीपक जलाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें.
दीपक ऐसी जगह रखें, जहां आग लगने का खतरा न हो. घर के बाहर या चौराहे पर दीपक रखते समय भी सावधानी बरतें.
धार्मिक मान्यता है कि इन 13 दीपकों को श्रद्धा के साथ जलाने से घर में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है.