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Lord Ganesha: भगवान गणेश के 12 नाम, जानें किसको जपने से क्या मिलता है फल?

Ganesh Chaturthi 2026: इस साल 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी. इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है. आज हम आपको भगवान गणेश के 12 नामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका जप करने से हर मनोकामना पूरी होती है.

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Lord Ganesha Lord Ganesha

Lord Ganesha: हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी पर्व का विशेष महत्व है. गणेश चतुर्थी के दिन घरों और पंडालों में गणपति की स्थापना कर बड़े ही धूमधाम से पूजा-अर्चना की जाती है. गणेश जी को प्रथम पूजनीय माना गया है. किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि गणपति बप्पा की आराधना करने से कार्य में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. भगवान गणेश के 12 नामों का हर दिन जप करने से विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और विद्या, बुद्धि  व यश की प्राप्ति होती है. आज हम आपको भगवान गणेश के 12 नामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका जप करने से हर मनोकामना पूरी होती है.

भगवान गणेश के 12 नाम
1.
विनायक
2. लंबोदर
3. गजानन
4. विघ्ननाश 
5. सुमुख
6. एकदंत
7. कपिल
8. गजकर्णक
9. विकट 
10. धूम्रकेतु
11. गणाध्यक्ष
12. भालचंद्र 

भगवान गणेश के किस नाम को जपने से क्या मिलता है फल  
विघ्ननाश और विनायक: भगवान गणेश को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है. ऐसे में उन्हें विघ्ननाश नाम से भी जाना जाता है. भगवान गणेश का विनायक भी एक प्रमुख नाम है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक विघ्ननाश और विनायक नामों को हर दिन स्मरण करने से कार्यों में सफलता मिलती है. 

सुमुख और एकदंत: भगवान गणेश के सुमुख नाम का अर्थ सुंदर मुख वाले और एकदंत का अर्थ एक दांत वाले भगवान से है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इन दोनों नामों का जप करने से शुभता और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है. 

कपिल और गजकर्णक: भगवान गणेश के स्वरूप और गुणों से जुड़े नाम कपिल और गजकर्णक हैं. इन दोनों नामों का स्मरण करने से बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है. 

लंबोदर और विकट: भगवान गणेश का लंबोदर यानी बड़े उदर वाले और विकट यानी कठिन परिस्थितियों में रक्षा करने वाला स्वरूप है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि लंबोदर और विकट नामों का नियमित जप करने से भक्त की सारी परेशानियां और बाधाएं दूर हो जाती हैं. 

धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र और गजानन: भगवान गणेश के गणाध्यक्ष नाम का मतलब गणों के अधिपति है. भालचंद्र का मतलब मस्तक पर चंद्रमा धारण करने वाले से है. गजानन यानी हाथी के समान मुख वाले. धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र और गजानन नामों का नियमित जप करने से भक्त के ऊपर भगवान गणेश की कृपा बनी रहती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.