गंगा सप्तमी शुभ मुहूर्त
गंगा सप्तमी शुभ मुहूर्त
कल यानी 23 अप्रैल को गंगा सप्तमी का पावन पर्व मनाया जाएगा. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को ही मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं. इस वर्ष गंगा सप्तमी पर गुरु पुष्य, अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग बन रहा है, जिससे पूजा और दान का फल कई गुना बढ़ जाएगा.
स्नान-दान करने का शुभ मुहूर्त
इस बार गंगा सप्तमी पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना बेहद शुभ माना गया है. स्नान के लिए सबसे श्रेष्ठ समय 23 अप्रैल की सुबह 4 बजकर 20 मिनट से 5 बजकर 4 मिनट तक रहेगा. वहीं सामान्य स्नान और पूजा के लिए सुबह का समय भी शुभ माना गया है. अगर संभव हो तो गंगा नदी या किसी पवित्र जलाशय में स्नान करें, अगर नहीं तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करने से भी पुण्य मिलेगा.
दान का क्यों है महत्व
मान्यता है कि गंगा सप्तमी के दिन स्नान और दान करने से जीवन के पापों का क्षय होता है और मन को शांति मिलती है. इस दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, जल और फल का दान करना विशेष फलदायी माना जाता है. पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भी इस दिन दान-पुण्य किया जाता है.
इस बार गंगा सप्तमी पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है. गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग इसे और अधिक मंगलकारी बना रहा है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इन योगों में किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है.
ऐसे करें पूजा
सुबह स्नान के बाद मां गंगा का ध्यान करें. दीपक जलाकर फूल, अक्षत और धूप अर्पित करें. घर में रखे गंगाजल का छिड़काव करें और परिवार की सुख-शांति की कामना करें. इस दिन मां गंगा की आरती और मंत्र जाप करना भी शुभ माना जाता है. श्रद्धा और सच्चे मन से की गई पूजा विशेष पुण्य प्रदान करती है.
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