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Hanuman Chalisa: क्यों रोज करना चाहिए हनुमान चालीसा का पाठ? यहां जान लीजिए इसके एक-दो नहीं, इतने लाभ

Hanuman Ji: हनुमान चालीसा का नियमित पाठ आंतरिक भय और चिंता को दूर कर मानसिक शांति प्रदान करता है. हनुमान जी को अष्ट सिद्धि नव निधि का दाता और कलियुग में शीघ्र प्रसन्न होने वाला देवता माना जाता है. हनुमान जी का जीवन हमें सिखाता है कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और विवेक से काम लिया जाए.

Hanuman Ji (Photo: PTI) Hanuman Ji (Photo: PTI)

सोशल मीडिया पर हनुमान चालीसा ने 500 करोड़ व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है, जो इसे भारत का सबसे लोकप्रिय धार्मिक पाठ बनाता है. 14 साल पहले, 10 मई 2011 को टी-सीरीज की ओर से यूट्यूब पर अपलोड किया गया यह वीडियो अब टॉप 10 सबसे ज्यादा देखे जाने वाले वीडियो में शामिल हो गया है. हनुमान चालीसा का पाठ न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है.

हनुमान जी हैं युवाओं के आदर्श
हनुमान जी के आदर्श और गुण आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक हैं. उनके जीवन से साहस, नेतृत्व क्षमता, संकल्प और बुद्धिमत्ता जैसे गुण सीखे जा सकते हैं. हनुमान जी का जीवन हमें सिखाता है कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और विवेक से काम लिया जाए.

हनुमान चालीसा है शब्दों की संजीवनी
हनुमान चालीसा को तुलसीदास ने सोलहवीं शताब्दी में लिखा था. यह पाठ न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि इसे मानसिक शांति, संकल्प और साहस प्रदान करने वाला माना जाता है. हनुमान चालीसा में वर्णित गुण जैसे नेतृत्व, योजना और सेवा भाव, आज के दौर में भी प्रासंगिक हैं.

हनुमान जी हैं प्रबंधन के गुरु
हनुमान जी को प्रबंधन का गुरु माना जा सकता है. उनके जीवन से समय प्रबंधन, संकट समाधान और नेतृत्व के गुण सीखे जा सकते हैं. कैसे उन्होंने लक्ष्मण जी के प्राण बचाने के लिए संजीवनी बूटी लाने का कार्य समय पर पूरा किया.

हनुमान चालीसा का वैश्विक प्रभाव
हनुमान चालीसा की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स जैसे वैश्विक हस्तियों ने भी इसे प्रेरणादायक माना है. हनुमान चालीसा मानवता के लिए एक मार्गदर्शक है.

युवाओं के लिए संदेश
हनुमान चालीसा आज के युवाओं के लिए संजीवनी बूटी की तरह है. विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि भारत सरकार को हनुमान जी के आदर्शों को एनसीईआरटी की पुस्तकों में शामिल करना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी उनके गुणों को अपनाकर अपने जीवन को सफल बना सके.

हनुमान चालीसा पढ़ने के नियम
हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए किसी विशेष विधि की आवश्यकता नहीं है. इसे कहीं भी, किसी भी समय पढ़ा जा सकता है. मानसिक रूप से हनुमान जी का ध्यान करके पाठ करने से जीवन के सभी संकट दूर हो सकते हैं. हनुमान चालीसा का हर किसी को रोज पाठ करना चाहिए.