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कृष्ण जन्म के समय रोहिणी नक्षत्र का क्या है महत्व, 2026 की जन्माष्टमी में इस खास संयोग को क्यों माना जा रहा है खास?

जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र का विशेष महत्व माना जाता है. साल 2026 की जन्माष्टमी भी इस लिहाज से खास बताई जा रही है, क्योंकि 4 सितंबर की मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग रहेगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर ये संयोग इस साल इतना खास क्यों है? अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं.

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भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा-वृंदावन समेत देशभर में जन्माष्टमी का पर्व बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था. इस वजह से जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र का विशेष महत्व माना जाता है. साल 2026 की जन्माष्टमी भी इस लिहाज से खास बताई जा रही है, क्योंकि 4 सितंबर की मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग रहेगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर ये संयोग इस साल इतना खास क्यों है? अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं.

क्यों खास है रोहिणी नक्षत्र
ज्योतिष शास्त्र में रोहिणी को 27 नक्षत्रों में बेहद महत्वपूर्ण और शुभ नक्षत्र माना जाता है. यह नक्षत्र पूरी तरह वृषभ राशि में आता है और इसके स्वामी चंद्र देव हैं. इसका प्रतीक बैलगाड़ी या रथ माना जाता है, जो गति, विकास और समृद्धि का संकेत देता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रोहिणी चंद्र देव की 27 पत्नियों में सबसे प्रिय थीं. इसी वजह से रोहिणी नक्षत्र को सुंदरता, आकर्षण और संपन्नता से जोड़कर देखा जाता है.

जन्माष्टमी पर क्यों महत्वपूर्ण है यह संयोग
इस साल 4 सितंबर की मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र का योग बन रहा है और चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेगा. धार्मिक मान्यता में इसे भगवान कृष्ण के जन्मकाल से जुड़ा विशेष संयोग माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान श्रद्धापूर्वक भगवान श्रीकृष्ण की पूजा और प्रार्थना करने से भक्तों को विशेष फल प्राप्त होता है. हालांकि, पूजा और व्रत से जुड़े मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग को देखना उचित माना जाता है.

रोहिणी नक्षत्र में जन्मे लोगों की खूबियां
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग आकर्षक व्यक्तित्व वाले और मिलनसार स्वभाव के होते हैं. इनकी वाणी मधुर मानी जाती है और ये अपनी बातचीत से आसानी से लोगों का दिल जीत लेते हैं. ऐसे लोग कला के प्रति रुचि रखते हैं और संगीत, लेखन, नृत्य या अभिनय जैसे क्षेत्रों में सफलता हासिल कर सकते हैं. इन्हें सुंदरता और साफ-सफाई पसंद होती है. ये मेहनती, महत्वाकांक्षी और भावुक स्वभाव के भी माने जाते हैं. साथ ही दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा आगे रहते हैं.
 

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