kartik Maas Mahima
kartik Maas Mahima
कार्तिक मास हिंदू धर्म में अत्यधिक पवित्र महीना माना जाता है. यह चातुर्मास का अंतिम मास है. इसी माह से देव तत्व मजबूत होता है. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि इस महीने में धन और धर्म दोनों से संबंध प्रयोग किए जाते हैं. इसी महीने में तुलसी का रोपण और विवाह सर्वोत्तम होता है. इस महीने में दीपदान और दान करने से अक्षय शुभ फल की प्राप्ति होती है. इस बार कार्तिक का महीना 27 अक्टूबर से शुरू होकर 24 नवंबर 2026 तक रहेगा.
कार्तिक महीने में खान-पान और जीवनचर्या का क्या है नियम?
इस महीने से स्निग्ध चीजें और मेवे खाने की सलाह दी जाती है. जिन चीजों का स्वभाव गर्म हो और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखें, ऐसी चीजों को खाना चाहिए. इस महीने में दाल (दलहन) खाने की मनाही की गई है. सूर्य की किरणों का स्नान भी इस महीने से उत्तम माना जाता है. इस महीने में दोपहर में सोने की भी मनाही की गई है.
कार्तिक मास का धन से क्या हैं संबंध?
कार्तिक मास श्री हरि का अत्यंत प्रिय है. अतः मां लक्ष्मी को भी यह माह अत्यंत प्रिय है. इसी महीने भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और सृष्टि में आनंद और कृपा की वर्षा होती है. इस महीने में मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और भक्तों को अपार धन देती हैं. मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए ही इस महीने धन त्रयोदशी, दीपावली और गोपाष्टमी मनाई जाती है. इस महीने विशेष पूजा और प्रयोग करके आप आने वाले समय के लिए अपार धन पा सकते हैं और कर्ज तथा घाटे से मुक्त हो सकते हैं.
कार्तिक मास का तुलसी से क्या है संबंध?
तुलसी का पौधा एक विशेष पौधा है. इसमें औषधीय के साथ-साथ दैवीय गुण भी पाए जाते हैं. पुराणों में तुलसी को भगवान विष्णु की पत्नी कहा गया है. भगवान विष्णु ने छल से इनका वरण किया था इसलिए उनको पत्थर हो जाने का श्राप मिला और तभी से भगवान विष्णु शालिग्राम के रूप में पूजे जाने लगे. शालिग्राम रुपी भगवान विष्णु की पूजा बिना तुलसी के हो ही नहीं सकती. कार्तिक मास में तुलसी का पौधा लगाना और इसकी पूजा करना विशेष शुभ होता है. इस महीने में नियमित रूप से तुलसी के नीचे घी का दीपक जलाएं.
कार्तिक में निरंतर धन प्राप्ति का उपाय
नित्य प्रातः विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. सायंकाल लक्ष्मी स्रोत का पाठ करें. रोज शाम को तुलसी के नीचे दीपक जलाएं. कार्तिक माह में सूर्योदय से पहले उठकर गंगा स्नान, प्रभु भजन-कीर्तन करना और दर्शन करना बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह में पूजा-पाठ और जप-तप करने से व्यक्ति को कई तरह के अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है.