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Kedarnath Dham: श्रद्धालुओं को आवागमन में नहीं होगी परेशानी, केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चर संचालकों पर पुलिस की पैनी नजर

केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई परेशानी न हो इसको लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद है. पुलिस की पैनी नजर केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चर संचालकों पर रहेगी. बिना लाइसेंस और अनफिट पशुओं पर कार्रवाई होगी. भक्तों से अभद्रता करने वाले संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी. 

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Kedarnath Dham Yatra Kedarnath Dham Yatra

Kedarnath Dham Yatra 2026: केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए पुलिस और म्यूल टास्क फोर्स ने घोड़े-खच्चरों के संचालन को लेकर निगरानी बढ़ा दी है. यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले प्रत्येक घोड़े-खच्चर और उनके संचालकों की जांच की जा रही है. विशेष रूप से संचालकों के लाइसेंस और पशुओं की फिटनेस पर फोकस किया जा रहा है.

यात्रा मार्ग पर लगातार चेकिंग अभियान 
रुद्रप्रयाग के पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया कि पुलिस और म्यूल टास्क फोर्स की टीम यात्रा मार्ग पर लगातार चेकिंग अभियान चला रही है. इस दौरान घोड़े-खच्चर संचालकों के लाइसेंस की जांच की जा रही है. बिना लाइसेंस संचालन करते पाए जाने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.

...ताकि यात्रियों की मंगलमय हो यात्रा 
यात्रा के लिए अनफिट पाए जाने वाले घोड़े-खच्चरों को भी मार्ग से हटाया जा रहा है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो. यात्रियों की मंगलमय यात्रा हो. अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि यात्रा मार्ग पर केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप ही घोड़े-खच्चरों का संचालन हो. कुछ घोड़े-खच्चर संचालकों द्वारा यात्रियों के साथ मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की थी. इसके बाद पुलिस और संबंधित विभागों ने यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले संचालकों पर और सख्ती बढ़ा दी है. 

आगे भी निगरानी और कार्रवाई रहेगी जारी 
अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों के साथ अभद्रता या मारपीट करने वाले संचालकों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है. पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य यात्रा मार्ग पर व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर यात्रा वातावरण उपलब्ध कराना है. घोड़े-खच्चर संचालन में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी निगरानी और कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है.