Kedarnath Dham Yatra 2026
Kedarnath Dham Yatra 2026
उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में इस बार आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है, जिसने अब तक के कई पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं. महज 35 दिनों के भीतर ही 9 लाख श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. हर दिन करीब 30 हजार भक्त बाबा केदार के दरबार में पहुंच रहे हैं. सुबह से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. बाबा के दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ पहुंच रहे हैं.
35 दिनों में बना नया इतिहास
केदारनाथ यात्रा के इतिहास में यह पहली बार हुआ है, जब सिर्फ 35 दिनों के भीतर 9 लाख श्रद्धालु धाम पहुंच गए हैं. यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. लगातार बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन भी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने में जुटा हुआ है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
हर दिन उमड़ रही भक्तों की भारी भीड़
बाबा केदार के दर्शन के लिए रोजाना करीब 30 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. मंदिर परिसर में सुबह से ही लंबी लाइनें लगनी शुरू हो जाती हैं, जो देर रात तक जारी रहती हैं. श्रद्धालु घंटों इंतजार के बाद बाबा केदार के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं. धाम में हर तरफ “हर-हर महादेव” के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है.
सीसीटीवी से रखी जा रही यात्रा पर नजर
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए हर समय सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है. प्रशासन लगातार भीड़ और यात्रा मार्ग पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
टोकन सिस्टम से हो रहे दर्शन
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने टोकन सिस्टम लागू किया है. इसी व्यवस्था के तहत यात्रियों को लाइन में लगाकर बाबा के दर्शन करवाए जा रहे हैं. इससे भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन का मौका मिल रहा है.
जरूरतमंद यात्रियों का किया जा रहा रेस्क्यू
यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या अन्य कारणों से फंसे यात्रियों की मदद के लिए भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. अब तक 50 से ज्यादा यात्रियों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है. वहीं करीब 150 लोगों को डंडी-कंडी की मदद से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया है. प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है.
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