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Shakti Peeth List: कामाख्या देवी, ज्वाला देवी का नाम तो खूब सुना होगा, जानिए बाकी 49 शक्तिपीठों के नाम

जानें उन 51वों शक्तिपीठ की पूरी लिस्ट.

Kamakhya Temple Kamakhya Temple
हाइलाइट्स
  • जानें सभी 51 शक्तिपीठ के बारे में

  • होती है मनोकामनाओं की पूर्ति

शक्तिपीठ हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और रहस्यमय तीर्थ स्थलों में से माने जाते हैं. मान्यता है कि यह वह स्थान हैं, जहां देवी सती के शरीर के अंग गिरे थे. पूरे देश भर में कुल 51 शक्तिपीठ माने जाते हैं. यह शक्तिपीठ शक्ति उपासना और महा विद्या का महा केंद्र हैं.

मां सती के 51 टुकड़े क्यों गिरे? जानिए पूरी कथा
पौराणिक कथाओं के मुताबिक, मां सती ने अपने पिता दक्ष द्वारा भगवान शिव के अपमान से आहत होकर यज्ञ कुंड में स्वयं को अग्नि को समर्पित कर दिया. जब यह खबर भगवान शिव को मिली, तो वह क्रोध और शोक में सती के निर्जीव शरीर को लेकर तांडव करने लगे.

सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से मां सती के शरीर के 51 टुकड़े किए. वह सारे अंग दुनिया भर के 51 जगहों पर गिर. जहां-जहां ये अंग गिरे, वही स्थान कहलाया शक्तिपीठ.

शक्तिपीठों की महत्ता क्या है?
इन शक्तिपीठों को देवी शक्ति का जीव रूप माना जाता है. मान्यता है कि इन स्थानों पर पूजा करने से मनोकामनाएं की पूर्ति होती हैं, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, आध्यात्मिक शक्ति का प्रवाह होता है. यही कारण है कि नवरात्रि, अमावस्या और विशेष तिथियों पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और मां की पूजा करते हैं. 

भारत के सभी 51 शक्तिपीठ

  • 1. देवी कामाख्या, असम- योनि
  • 2. अपर्णा, बांग्लादेश- बाएं पैर की पायल 
  • 3. बिराजा, ओडिशा- नाभि
  • 4. त्रिपुरा सुंदरी- त्रिपुरा- दायां पैर 
  • 5. जयंती, मेघालय- बायीं जांघ
  • 6. अवंती, उज्जैन-  ऊपरी होंठ
  • 7. कपालिनी पुरबा, पश्चिम बंगाल- बायां टखना
  • 8. मंगल चंडिका, पश्चिम बंगाल- दाहिनी कलाई 
  • 9. नंदिनी, पश्चिम बंगाल- हार
  • 10. भ्रामरी, जलपाईगुड़ी- बायां पैर 
  • 11. नागपूशनी- श्रीलंका- पायल 
  • 12. कालमाधव, अन्नुपुर- बायां नितंब
  • 13. रत्नावली, चेन्नई- दायां कंधा 
  • 14. मिथिला, दरभंगा- बायां कंधा
  • 15. पंच सागर, वाराणसी- निचला दाड़ 
  • 16. श्री पर्वत, लद्दाख- दाएं पैर की पायल
  • 17. महा लक्ष्मी, बांग्लादेश- गर्दन 
  • 18. भवानी, बांग्लादेश- दाहिना हाथ
  • 19. जेसोरेश्वरी, बांग्लादेश- हथेली 
  • 20. जय दुर्गा, झारखंड- कान
  • 21. सुगंध, बांग्लादेश- नाक
  • 22. हिंगलाज, पाकिस्तान- नाक
  • 23. महाशिरा, काठमांडू- कूल्हे
  • 24. भ्रमरांबा, कुरनूल- दाहिनी पायल 
  • 25. रामगिरी, चित्रकूट- दायां वक्ष
  • 26. नर्मदा, अमरकंटक- दायां नितंब
  • 27. कुमारी शक्ति, हुगली- कंधा
  • 28. विमला, मुर्शिदाबाद- मुकुट 
  • 29. देवगर्भा, बीरभूम- हड्डी 
  • 30. दक्षिणा काली, कोलकाता- उंगली
  • 31. महिषमर्दिनी, पश्चिम बंगाल- भौंहों रे बीच माथे का भाग 
  • 32. बहुला, पश्चिम बंगाल- बायां हाथ
  • 33. विशालक्षील, वाराणसी- कुंडल 
  • 34. त्रिपुमालिनी, जलंधर- दायीं छाती 
  • 35. गंडकी चंडी, नेपाल- गाल
  • 36. अंबिका, भरतपुर- बायां पैर
  • 37. सर्वशैल पूर्वी, गोदावरी- बायां गाल
  • 38. श्रावणी, कन्याकुमारी- रीढ़ की गहड्डी
  • 39. भ्रामरी, नासिक- ठोड़ी 
  • 40. अंबाजी, गुजरात- दिल 
  • 41. गायत्री, पुष्कर- कलाई
  • 42. मगध, पटना- शरीर का दाहिना भाग
  • 43. दाक्षायनी, बुरांग(तिब्बत)- दाहिनी हथेली 
  • 44. महिषासुरमर्दिनी, कोल्हार- तीसरी आंख 
  • 45. ललिता, प्रयागराज- उंगलियां 
  • 46. नारायणी, कन्याकुमारी- ऊपरी दांत
  • 47. सावित्री, कुरुक्षेत्र- सीधे पैर का टखना
  • 48. फुलारा, पश्चिम बंगाल- निचले होंठ
  • 49. कात्यायनी, मथुरा- बाल
  • 50. ज्वाला देवी, कांगड़ा- जीभ
  • 51. अमरनाथ, जम्मू कश्मीर- गाल  


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