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Magh Purnima 2026: 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा पर बन रहे 4 अद्भुत संयोग, जानें स्नान और दान का शुभ मुहूर्त

Magh Purnima: माघ पूर्णिमा 1 फरवरी दिन रविवार को है. इस साल माघ पूर्णिमा पर 4 अद्भुत संयोग बन रहे हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा सहित अन्य पवित्र नदियों और सरोवर में स्नान करने से व्यक्ति के सारे पाप धूल जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं इस साल स्नान और दान का शुभ मुहूर्त क्या है?

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Magh Purnima 2026 Magh Purnima 2026

Magh Purnima 2026 Snan-Daan Muhurat: हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा (Magh Purnima) का विशेष महत्व है. माघ पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा भी कहते हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन देवी और देवता पृथ्वी पर भ्रमण करने के लिए आते हैं. इस साल माघ पूर्णिमा पर 4 अद्भुत संयोग बन रहे हैं, जिसके चलते इस पर्व की महिमा और बढ़ गई है.

माघ पूर्णिमा के दिन व्रत और दान से ज्यादा स्नान का महत्व है. इस दिन लोग प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के संगम स्थल, काशी और हरिद्वार में गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं. इसके अलावा अन्य पवित्र नदियों और सरोवरों में भी स्नान किया जाता है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा सहित अन्य पवित्र नदियों और सरोवर में स्नान करने से व्यक्ति के सारे पाप धूल जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. यदि किसी कारणवश आप नदी में स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. माघ पूर्णिमा के दिन किए गए दान से काफी पूण्य मिलता है. आइए जानते हैं इस साल माघ पूर्णिमा पर स्नान और दान का शुभ मुहूर्त क्या है?

स्नान और दान के सबसे शुभ समय 
हिंदू पंचांग के मुताबिक माघ पूर्णिमा की तिथि 1 फरवरी को सुबह 5:52 बजे से शुरू होकर 2 फरवरी 2026 को सुबह 3:38 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के मुताबिक माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को ही मनाई जाएगी. इस दिन स्नान और दान का सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त होता है. 1 फरवरी 2026 को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:24 बजे से शुरू होकर सुबह 6:17 बजे तक रहेगा. हालांकि आप ब्रह्म मुहूर्त के बाद भी स्नान कर सकते हैं. ज्योतिष के मुताबिक इस साल माघ पूर्णिमा के दिन प्रीति योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, आयुष्मान योग और रवि पुष्य योग जैसे अद्भुत संयोग बन रहे हैं. 1 फरवरी को रवि पुष्य योग सुबह 7:11 बजे से रात 11:59 बजे तक रहेगा, जिसे बेहद शुभ माना गया है.

माघ पूर्णिमा के दिन ऐसे करें पूजा-अर्चना
1. माघी पूर्णिमा के दिन सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए.
2. स्नान के बाद सूर्य मंत्र का जाप करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए.
3. ऊं नमो नारायण मंत्र का जप करें और सूर्यदेव की विधिपूर्वक पूजा करें. 
4. माघ पूर्णिमा के दिन जल में काले तिल डालकर पितरों के लिए तर्पण करना भी शुभ माना जाता है
5. गरीब, जरूरतमंद और ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान-दक्षिणा देनी चाहिए.
6. तिल और काले तिल को विशेष रूप से दान में देना चाहिए.
7. माघ मास में काले तिल से हवन करना चाहिए और काले तिल से पितरों का तर्पण करना चाहिए.

माघ पूर्णिमा का महत्व
पौराणिक कथाओं के मुताबिक माघ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करता है इसलिए, यह माना जाता है कि माघी पूर्णिमा पर पवित्र स्नान करने से सूर्य और चंद्रमा से जुड़ी सभी कठिनाइयां दूर हो जाती हैं. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी माघ महीना सहायक होता है. माना जाता है कि यह महीना बदलते मौसम के साथ तालमेल बिठाने में मदद करता है. माघ पूर्णिमा को स्नान करने से शरीर को बल और शक्ति की प्राप्ति होती है. माघ पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन-धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. इस दिन चंद्रोदय के बाद चंद्र देव को जल अर्पित करना भी शुभ फल देता है. धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक माघ माह में भगवान विष्णु गंगा नदी में वास करते हैं, इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसा भी माना जाता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है.