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Shani Dev: शनि देव के मंत्र बदलेंगे किस्मत, जानें क्या है इस न्याय के देवता को प्रसन्न करने के उपाय?

शनि देव की ऐसी मूर्ति का दर्शन या पूजन न करें जिसमें उनकी आंखें हों. ऐसा करने पर शनि की दृष्टि पड़ने के कारण समस्या हो सकती है. यहां आप जान सकते हैं शनि देव को प्रसन्न करने के लिए क्या उपाय करना चाहिए?

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Shani Dev Shani Dev

शनि देव व्यक्ति के कर्म और उसके फल के स्वामी हैं. जीवन में हर कर्म के शुभ या अशुभ फल शनि देव ही प्रदान करते हैं. शनि देव की ऐसी मूर्ति का दर्शन या पूजन न करें जिसमें उनकी आंखें हों. ऐसा करने पर शनि की दृष्टि पड़ने के कारण समस्या हो सकती है. यहां आप जान सकते हैं शनि देव को प्रसन्न करने के लिए क्या उपाय करना चाहिए?

शनि देव को प्रसन्न करने की तीन विधियां
शनि देव को प्रसन्न करने की तीन विधियां हैं. पहला आचरण से, दूसरा रत्न से और तीसरा मंत्र से. आचरण में आहार शुद्धि,व्यवहार-विचार तथा दान आदि आते हैं. रत्नों में जलीय या वायु तत्व के रत्न धारण करना श्रेष्ठ होगा. मंत्र जाप का तरीका सर्वश्रेष्ठ है जिससे शनि देव अतिशीघ्र प्रसन्न होते हैं. विभिन्न समस्याओं के निवारण के लिए शनि देव के विभिन्न मंत्रों का प्रयोग किया जाता है. अगर शुद्ध आचरण के साथ-साथ मंत्रों का जाप किया जाए तो अद्भुत परिणाम प्राप्त होंगे. 

कब शनि के लिए मंत्र जाप करना सबसे ज्यादा होता है अच्छा 
जब शनि के कारण दुर्घटनाओं के या प्राण संकट के योग बने हों, जब शनि के कारण कदम-कदम पर संघर्ष करना पड़ रहा हो, जब अपना अधिकार नहीं मिल पा रहा हो, जब शनि की साढ़ेसाती या ढईया चल रही हो. 

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए मंत्र जाप की विधि 
शनि देव के मन्त्रों का जाप कोई भी कर सकता है, चाहे वो स्त्री हो या पुरुष. शनि देव के मंत्रो का जाप पूर्व-पश्चिम दिशा की तरफ मुंह करके करना उत्तम होगा. जाप का सही समय संध्या काल का होगा या मध्य रात्री का. रुद्राक्ष या रक्त चन्दन की माला शनि-देव के मंत्र जाप के लिए उत्तम होती है. घर में बिलकुल भी शनि देव का चित्र न लगाएं. बेहतर होगा मानसिक रूप से याद करके ही मंत्र जाप करें. मंत्र जाप के पूर्व अपने गुरु या भगवान शिव को अवश्य याद करें. तब मंत्र जाप करें. कोई भी गृहस्थ व्यक्ति काले वस्त्र धारण करके मंत्र जाप न करे. बेहतर होगा कि श्वेत वस्त्र या आसमानी वस्त्र धारण किया जाए. 

शनि देव के मंत्र और उनके प्रयोग 
शनि देव का वैदिक मंत्र - ॐ शं शनैश्चराय नमः सामान्य रूप से इस मंत्र का जाप रोज शाम को करना चाहिए. इससे शनि कभी भी नाराज नहीं होते. उनकी बुरी दृष्टि नहीं पड़ती. शनि देव का तांत्रिक मंत्र  ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः  शनि की दशाओं में इस मंत्र का जाप करना चाहिए. इससे शनि की दशाएं लाभकारी हो जाती हैं. शनि देव का सर्वाधिक शक्तिशाली मंत्र सूर्यपुत्रो दीर्घ देहो विशालाक्ष: शिवप्रिय:, मंदचार: प्रसन्नात्मा पीड़ां हरतु में शनि: है. साढ़ेसाती और ढईया के समय यह मंत्र विशेष कारगर है. शनि की पीड़ा से बचने के लिए इस मंत्र का जाप लगातार 108 दिनों तक करना चाहिए.