Mata Vaishno Devi Yatra
Mata Vaishno Devi Yatra
मानसून के दौरान माता वैष्णो देवी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहती है. हालांकि इस मौसम में पहाड़ों का मौसम कभी भी अचानक बदल सकता है. कुछ ही मिनटों में तेज बारिश, घना कोहरा या भू स्खलन जैसी स्थिति बन सकती है. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है. अगर आप इन दिनों माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जा रहे हैं या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो प्रशासन और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से जारी सुरक्षा सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है.
तेज बारिश होने पर रुकें
अगर यात्रा के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो जाए, तो आगे बढ़ने की जल्दबाजी बिल्कुल न करें. रास्ते में बने शेल्टर शेड या श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के भवनों में रुककर मौसम सामान्य होने का इंतजार करें. मौसम साफ होने के बाद ही आगे की यात्रा शुरू करें.
रेनकोट और वाटरप्रूफ जूते रखें
बारिश के मौसम में यात्रा पर निकलते समय छाता, रेनकोट, वाटरप्रूफ जूते और एक मजबूत छड़ी अपने साथ जरूर रखें. पहाड़ी रास्तों पर बारिश के कारण फिसलन बढ़ जाती है. ऐसे में सही जूते और छड़ी चलने में मदद करते हैं और गिरने का खतरा कम होता है.
मौसम अपडेट और हेल्पलाइन की रखें जानकारी
खराब मौसम के दौरान प्रशासन और श्राइन बोर्ड समय-समय पर एडवाइजरी जारी करते हैं. यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें. भारी बारिश की स्थिति में बैटरी कार और हेलीकॉप्टर जैसी सेवाएं कुछ समय के लिए बंद की जा सकती हैं. इसलिए यात्रा से पहले सभी जरूरी अपडेट देखना जरूरी है.
भूस्खलन वाले इलाकों से रहें दूर
बारिश के समय पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में किसी चट्टान, ढलान या बड़े पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें. केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए सुरक्षित मार्गों, जैसे ओल्ड ट्रैक, का ही इस्तेमाल करें और किसी शॉर्टकट का सहारा न लें.
दवाइयां और गर्म कपड़े रखें
बारिश में भीगने के बाद ठंड लगने या तबीयत खराब होने की आशंका रहती है. इसलिए अपनी नियमित दवाइयों के साथ थर्मल इनर, अतिरिक्त कपड़े, तौलिया और जरूरी सामान बैग में जरूर रखें. इससे जरूरत पड़ने पर आपको किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
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