Premananda Maharaj
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उत्तर प्रदेश में मथुरा के वृंदावन में रह रहे आध्यात्मिक प्रवचनों और सरल वाणी से देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के दिलों में विशेष स्थान बनाने वाले पूज्य संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का एक नया और बेहद भावुक कर देने वाला संदेश सामने आया है. यह वीडियो उनके शिष्यों द्वारा भजन मार्ग पर 2 दिन पहले डाला गया है. इस वीडियो संदेश में महाराज जी ने अपने भक्तों को जीवन में किसी भी प्रकार की चिंता न करने और केवल 'श्रीजी' के चरणों पर अटूट विश्वास रखने की अपील की है.
चाहे मैं मिलूँ या न मिलूँ- प्रेमानंदजी
वीडियो में पीले वस्त्र और तिलक धारण किए हुए भावुक मुद्रा में प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि चाहे मैं आपसे मिलूँ या न मिलूँ, बोलूँ या न बोलूँ, हम आप सभी से बहुत प्यार करते हैं. उन्होंने भक्तों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि अगर भक्तों को गुरु के प्यार और श्रीजी की कृपा पर विश्वास है, तो उन्हें अपने कल्याण या उद्धार को लेकर रत्ती भर भी संशय नहीं करना चाहिए.
मौन और एकांतवास को बताया असली रहस्य-
हाल के दिनों में महाराज जी के स्वास्थ्य और एकांतवास को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, उन्होंने अपने मौन रहने का कारण स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि मैं बिना बोले भी तुम्हारे दिमाग में रहूँगा, तुम देखना... तुम वही करोगे, जो गुरुदेव कहेंगे. हमारा जब मन होगा तब हम बोलेंगे. हम जो मौन, एकांतवास और भजन कर रहे हैं, वह हमारे लिए नहीं है, बल्कि आप सबके कल्याण के लिए है.
भरण-पोषण पर कही बड़ी बात-
महाराज जी ने भक्तों को आत्मनिर्भर और भगवान पर आश्रित रहने की सीख देते हुए कहा कि किसी भी भक्त का भरण-पोषण किसी व्यक्ति विशेष के द्वारा नहीं, बल्कि 'ट्रस्ट' और ईश्वर की इच्छा से होगा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब भी यह महसूस होने लगे कि कोई व्यक्ति आपका पोषण कर रहा है, तो उस सोच को तुरंत छोड़ दें.
खूब भजन करो और सुखी रहो- प्रेमानंदजी
प्रवचन के अंत में प्रेमानंद जी महाराज ने सभी को निर्भय, निश्चिंत और अशोक (शोक रहित) रहने का आशीर्वाद दिया. उन्होंने भक्तों को केवल नाम जप और श्रीजी के आश्रय में रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि हमारा जो कुछ होना था, वह हो चुका है. अब जो कुछ भी हो रहा है, वह सब आप सबके लिए हो रहा है. इसलिए खूब भजन करो, नाम जप करो, सुखी रहो और आश्रित रहो.
(मदन गोपाल शर्मा की रिपोर्ट)
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