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केदारनाथ जा रहे हैं? मंदिर परिर में नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल, यात्रा से पहले जान लें जरूरी नियम और तैयारी

केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल सुबह 8:00 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. कपाट खोले जाने को लेकर सभी तरह की तैयारी जोरों-शोरों से चल रही है. इसके बाद 23 अप्रैल को भगवान बद्री विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे.

Kedarnath Temple Kedarnath Temple
हाइलाइट्स
  • मंदिर परिसर में फोन बैन

  • दर्शन से पहले पढ़ें पूरी गाइडलाइन

केदारनाथ के कपाट खुलने से पहले ही सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं. मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्टी के अनुसार, यह फैसला धाम की पवित्रता बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. अब कोई भी भक्त मंदिर के अंदर मोबाइल लेकर नहीं जा सकेगा और न ही फोटो, वीडियो या रील बना पाएगा. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

22 अप्रैल को खुेलंगे केदारनाथ धाम के कपाट
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल सुबह 8:00 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. कपाट खोले जाने को लेकर सभी तरह की तैयारी जोरों-शोरों से चल रही है. इसके बाद 23 अप्रैल को भगवान बद्री विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. आपको बता दें रविवार से ही चारधाम यात्रा शुरू हुई है. हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन और मंदिर समिति पहले से ही व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क है. 

मंदिर परिसर में फोटो और वीडियो बनाने पर रोक
मोबाइल बैन का फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में मंदिर परिसर में फोटो और वीडियो बनाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा था. इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं की आवाजाही में बाधा आती थी, बल्कि धाम की धार्मिक गरिमा भी प्रभावित हो रही थी. कई लोग दर्शन के बजाय सोशल मीडिया के लिए रील बनाने में ज्यादा व्यस्त दिखते थे, जिसे लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं.

श्रद्धालु इन बातों का रखें ध्यान
केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार कुछ खास नियमों और सावधानियों का पालन करना होगा. सबसे पहले, मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने से बचें और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें. दर्शन के दौरान लाइन में धैर्य बनाए रखें और भीड़भाड़ में धक्का-मुक्की न करें.

यात्रा पहाड़ी क्षेत्र में होती है, इसलिए शारीरिक रूप से फिट रहना जरूरी है. यात्रा से पहले हेल्थ चेकअप कराना बेहतर रहेगा. साथ ही, मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां साथ रखें. प्रशासन द्वारा जारी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करना भी अनिवार्य है.

सुरक्षित और आसान यात्रा के लिए तैयारी जरूरी
केदारनाथ तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को गौरीकुंड से करीब 16-18 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है. जो लोग पैदल नहीं चल सकते, उनके लिए घोड़ा-खच्चर, पालकी और हेलीकॉप्टर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.

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