Aniruddhacharya maharaj
Aniruddhacharya maharaj
मथुरा में पंचायत आजतक का मंच सजा है. इसमें कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने धर्म से लेकर जाति तक पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि धर्म में वर्ण है, जाति नहीं. जाति कानून में है. यमुना की सफाई पर उन्होंने कहा कि सरकारों को जनता-जनार्दन से विचार लेना चाहिए. यमुना में जितने नाले मिल रहे हैं, इन नालों को रोका जाए. इसके बाद पानी को शुद्ध किया जाए, उसके बाद उसे यमुना में डाला जाए. अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि सरकार मुझे जिम्मेदारी दे दे, हम 2 साल के अंदर देश की सभी नदियों को शुद्ध कर सकते हैं.
जातियां कौन बना रहा है- अनिरूद्धाचार्य
अनिरूद्धाचार्य महाराज ने कहा कि हम तो कहते हैं कि संविधान से जातियां हटा दो. उन्होंने कहा कि अगर पंडितजी जाति बनाते तो जाति प्रमाणपत्र वो बांट रहे होते. क्यों बदनाम कर रहे हो, उन्होंने कहा कि अगर जाति प्रमाणपत्र बना हो तो मेरे पास आएगे कि कानूनी व्यक्ति के पास जाएंगे. जातियां कानून बना रहा है और बदनाम पंडितजी हो रहे हैं.
पहचान के लिए बना था वर्ण- अनिरुद्धाचार्य
उन्होंने कहा कि जातियां छुआछूत या ऊंच-नीच के लिए नहीं बनी. जातियां इसलिए बनीं, क्योंकि उस जमाने में आधार कार्ड नहीं था, पैन कार्ड नहीं था, कैमरा नहीं था. सिस्टम नहीं था. उन्होंने कहा कि हमें कैसे पता लगता कि ये भारतीय नहीं है, विदेशी है. उस समय पहचानने के लिए हमारे यहां वर्ण बनाए गए. उन्होंने कहा कि वर्ण पहचान है, गोत्र पासवर्ड है.
दान चोरी पर बोले अनिरूद्धाचार्य-
राम मंदिर में दान चोरी पर कथावाचक ने कहा कि दान चोरी हुई तो कुछ लोगों ने कह दिया कि पुजारियों ने चुरा लिया. पुजारी बदनाम हो गया, चोरी कोई और कर रहा है. उन्होंने कहा कि दान दान में सबकी गलती नहीं है. ये गलती सिर्फ उनकी है, जिसने चोरी की है. उन्होंने कहा कि भगवान का पैसा जिन लोगों ने चुराया, उन लोगों की गलती है, उनको सजा मिलना चाहिए. सब इसके दोषी नहीं हैं.
मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी के बयान पर बोले अनिरुद्धाचार्य-
राहुल गांधी के मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि राहुल गांधी कहते हैं कि मनुस्मृति गलत है, क्या वो कह सकते हैं कि कुरान गलत है? क्या वो कह सकते हैं कि तीन तलाक गलत है? राहुल गांधी कह सकते हैं कि हलाल गलत है? उन्होंने कहा कि वो इन चीजों को गलत नहीं कहते हैं, लेकिन सनातन को गलत कह सकते हैं. उन्होंने कहा कि सनातन पर राजनीति करनी है, इसलिए ऐसे बयान आते हैं.
कैसे रहा जाए खुशहाल?
इस सवाल पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि हर हाल में खुश रहना है, यही खुशहाल रहने का तरीका है.
निशुल्क पढ़ाई के लिए स्कूल बना रहे हूं- अनिरुद्धाचार्य
उन्होंने कहा कि हम एक विद्यालय बना रहे हैं, उसमें सभी लोगों को निशुल्क शिक्षा मिलेगी. ये स्कूल 12वीं तक होगा. इसमें सीबीएसई बोर्ड के तहत पढ़ाई होगी.
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