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PM Modi in Tirumala: आखिर क्यों तिरुपति बालाजी मंदिर में दान किए जाते हैं बाल, जानें पीछे की कहानी

तिरुपति बालाजी मंदिर देश के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है. केवल देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी यहां लोग दर्शन करने आते हैं. इस मंदिर में भक्त अपने सिर के बाल दान करवाते हैं. 

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Tirumala Tirumala
हाइलाइट्स
  • मंदिर में किए जाते हैं बाल दान 

  • इसके पीछे की है कहानी

पीएम मोदी सोमवार को तिरुपति बालाजी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की. इसको लेकर पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से तस्वीरें भी शेयर की हैं. तस्वीरें शेयर करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “तिरुमाला में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में 140 करोड़ भारतीयों के अच्छे स्वास्थ्य, कल्याण और समृद्धि के लिए प्रार्थना की.'' बता दें, तिरुपति बालाजी मंदिर देश के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है. केवल देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी यहां लोग दर्शन करने आते हैं. इस मंदिर में भक्त अपने सिर के बाल दान करवाते हैं. 

मंदिर में किए जाते हैं बाल दान 

दुनिया में शायद ही कोई ऐसा मंदिर होगा जहां बाल दान किए जाते होंगे. ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति तिरुपति बालाजी में अपने बाल दान करता है भगवान उसे 10 गुना धन लौटाते हैं. साथ ही जो लोग बालों को दान करते हैं उनपर मां लक्ष्मी की भी बड़ी कृपा रहती है. 

क्या है बालों को दान करने के पीछे की कहानी?

लेकिन बालों को दान करने वाली ये मान्यता शुरू होने के पीछे कहानी है. ऐसा माना जाता है कि जो श्रद्धालु तिरुपति बालाजी मंदिर में बाल दान करते हैं, उससे 10 गुना ज्यादा धन भगवान आपको देते हैं. केवल पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी यहां बाल दान करती हैं. 

मान्यता के अनुसार, प्राचीन काल में एक बार भगवान बालाजी के विग्रह पर चींटियों का एक पहाड़ बन गया था. यहां एक गाय आया करती थी और दूध देने के लिए चींटियों के पहाड़ पर जाती थी. यह देखकर गाय के मालिक को बहुत गुस्सा आया और उसने गाय के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया. इस प्रहार से बालाजी घायल हो गए और उनके कुछ बाल भी टूट गए. देवी नीला देवी ने अपने बाल काटकर बालाजी के घाव पर रख दिए, जिससे उनका घाव ठीक हो गया. देवी को अपने बालों की बलि देते देखकर वह काफी प्रभावित हुए. तभी से ये माना जाता है कि जो कोई भी अपने बाल दान करता है उसकी मनोकामना पूरी हो जाती है. 

दान किए गए बालों का उपयोग कैसे होता है? 

तिरुपति बालाजी मंदिर में दान किए गए बाल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचे जाते हैं. दान किए गए बाल दोहरे उद्देश्य को पूरा करते हैं. ये आध्यात्मिक प्रथाओं और धर्मार्थ से जुड़े कार्यों दोनों में योगदान करते हैं. मंदिर के अधिकारी बालों का उपयोग विग और हेयर एक्सटेंशन बनाने में करते हैं, जिन्हें बाद में नीलामी के माध्यम से बेचा जाता है. अकेले साल 2019 में, तिरुपति मंदिर ने 143.9 टन बालों की नीलामी कर 11.17 करोड़ रु. जुटाए थे.