magh mela
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Magh Mela: संगम के माघ मेले में तमाम अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं साधु संत, नागा सन्यासी इस माघ मेले में आकर अपनी धूनी रमा चुके हैं. माघ मेले मे इस बार ऐसे ऐसे संत आए हैं जिनको आप महाकुंभ में देखा करते थे. अब माघ मेले में भी वो लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, इनकी कठिन तपस्या लोगों को आश्चर्यचकित कर रही है. कोई सालों से खड़े होकर तपस्या कर रहा है और कोई वर्षों से एक हाथ उठाकर उर्दू बाहु का संकल्प पूरा कर रहा है.
सालों से खड़े होकर हठयोग करने वाले संत महेशानंद गिरि महराज बांगलामुखी समस्या कर रहे हैं. इन्होंने 12 वर्ष खड़े होकर तपस्या करने का संकल्प लिया है लेकिन इनको अभी 5 वर्ष ही हुआ है और इनका यह हठयोग राष्ट्र कल्याण के लिए है माघ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने जमकर तारीफ की है.
मेले में पहुंचे संत सोमेश्वर गिरि बाबा
वही उर्दूबाहु हठयोग की तपस्या करने वाले संत सोमेश्वर गिरि है. यह सालों से अपना एक हाथ आसमान की तरफ उठाए हुए हैं और यह अपना हाथ कभी नीचे नहीं करते. उनके हाथों के नाखून भी बड़े हो गए हैं और हाथ भी पतला हो गया है. इनका यह हठ योग अपने मोक्ष के लिए कर रहे हैं. इनका कहना है कि अगर मुझे मोक्ष मिलेगा तो लोगों को भी मोक्ष दिलवाने में यह कारगर होगा. यह संत पिछले कुंभ मेले में प्रयागराज आए थे. अब यह इस माघ मेले में भी जाकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं. इस माघ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर साधु संत बेहद खुश नजर आए और व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ भी की है.
(रिपोर्टर: पंकज श्रीवास्तव)
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