Prayagraj News
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सावन का महीना शुरू होते ही प्रयागराज के दशा सुमेध घाट पर कांवरियों की भीड़ नजर आती है. हर कोई घाट पहुंचकर पूजा पाठ कर रहा है. और यहीं से जल भरकर अपने शिवालयों में जाकर जलाभिषेक कर रहा है. लेकिन इसी घाट पर कांवड़ियों को आप तीन रंग के कपड़ों में देखते हैं. सबसे ज्यादा केसरिया रंग नजर आता है. उसके बाद काला कपड़ा और सफेद रंग की ड्रेस पहने कांवरिए नजर आते हैं. आपको बता दें कि यह तीन रंगों में कांवड़िए अक्सर घाट पर नजर आते हैं.
भगवान शिव का रंग है काला-
केसरिया कलर के बीच में कला और सफेद रंग का वीडियो का थोड़ा सा घाट पर अलग नजर आते हैं. काला वस्त्र धारण करने वाले कांवड़ियों का कहना है कि काला रंग भगवान शिव का रंग है. इसलिए हम लोग काला रंग पहनकर कांवड़ लेकर निकले हैं और घाट से गंगाजल भरने के बाद अपनी शिवालय पर जलाभिषेक करेंगे.
शांति का प्रतीक है सफेद रंग-
आपको बता दें कि घाट पर पहुंचने वाले अलग-अलग रंगों में सफेद रंग का कांवड़ उठा कांवरिए भी नजर आए. एक तो डाक बम वाले सफेद कपड़ा पहनते हैं. लेकिन उनसे अलग भी कुछ लोग सफेद कपड़ा पहनकर घाट तक पहुंचाते हैं. सफेद रंग का कपड़ा पहनकर पहुंचने वाले कांवड़ियों का कहना है कि सफेद रंग शांति का प्रतीक है और हम लोग भगवान शिव के भक्त हैं और दूसरे रंग की बजाय सफेद रंग चुना है और कांवड़ लेकर निकल पड़े हैं.
कलर अलग, लेकिन दिल में भगवान शिव-
प्रयागराज के घाट पर पहुंचने वाले हर कांवड़ियों का अपना ड्रेस कोड है. इन तीन ड्रेस कोड में सबसे ज्यादा केसरिया ही रंग नजर आता है. लेकिन इस केसरिया रंग के बीच में सफेद और काला कपड़ा पहने हुए कांवरिए भी नजर आ जाते हैं. भले ही तीनों का ड्रेस कोड अलग हो, लेकिन तीनों के दिल में सिर्फ भगवान शिव बसते हैं और भगवान शिव को आराध्या मान कर हर कोई घाट पहुंच रहा है अपनी संकल्प के साथ और जल भरकर भगवान शिव पर जलाभिषेक कर रहा है.
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