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Punjab Village connection with Ram: पंजाब के इस गांव का है श्रीराम से खास रिश्ता, जानिए क्या है यहां की मान्यता

पंजाब के पटियाला का इतिहास बहुत पुराना है. यहां के एक गांव का कनेक्शन भगवान राम से बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि यह उनके नाना का गांव है.

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22 जनवरी को अयोध्या मंदिर में रामलला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले पटियाला से 18 किमी दूर ऐतिहासिक घर्रम गांव में उत्सव शुरू हो गया है. पंजाब में बसे इस छोटे से गांव के निवासियों का मानना ​​है कि गांव का भगवान राम से गहरा संबंध है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आधिकारिक तौर पर कोई निमंत्रण नहीं मिला है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि अयोध्या में समारोह के दौरान गांव को पहचान मिलेगी. 

गांव के लोगों को कुछ पुरानी किताबों और साहित्य पर भरोसा है जो घर्रम गांव को भगवान राम से जोड़ते हैं. साल 1969 में प्रकाशित पटियाला के पंजाबी विश्वविद्यालय के एक पब्लिकेशन, "पटियाला और उसका ऐतिहासिक परिवेश" के मुताबिक पटियाला भगवान राम पर कुछ दावा कर सकता है. 

इस गांव में आई थी दशरथ की बारात 
ग्रामीणों का कहना है कि कई किताबों में इस बात का जिक्र है कि राजा दशरथ की बारात घर्रम आई थी. उन्होंने महाराजा की बेटी माता कौशल्या से विवाह किया. और राम का जन्म उनके नाना के महल में हुआ था. उनका कहना है कि कुछ ऐतिहासिक अवशेष अभी भी यहां हैं. 

यह गांव ऐतिहासिक है और यहां प्राचीन हिंदू पौराणिक कथाओं से बहुत कुछ जुड़ा हुआ है. उन्हें खुशी है कि आखिरकार अयोध्या मंदिर में रामलला की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा समारोह हो रहा है और वह अपने गांव के इतिहास को भी प्रदर्शित कना चाहते हैं. 

लव-कुश के नाम पर है जमीन 
यहां के ग्रामीणों का मानना ​​है कि भगवान राम का जन्म घर्रम गांव में उनके नाना, स्थानीय महाराजा खोह राम के महल में हुआ था. हालांकि, इतिहासकार इस संबंध को स्थापित नहीं कर पाए हैं, जबकि उनका मानना ​​है कि गांव का महान ऐतिहासिक महत्व है. ग्रामीण लंबे समय से खुद को भगवान राम से जोड़ते रहे हैं और इस गांव में बहुत सारे शोध किए गए हैं.

गांव का दौरा करने से पता चलता है कि एक प्राचीन किला है जो अब खंडहर हो चुका है. वहां भी अतीत में कई खुदाई की गई है. हालांकि गांव का रामायण से कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं किया जा सका, लेकिन सदियों पुरानी सामग्री मिली है. यहां कुछ ज़मीन है, जो रिकॉर्ड के अनुसार, अभी भी भगवान राम के पुत्रों लव-कुश के नाम पर है. गांव का रामायण से संबंध है इस बात को साबित करने के लिए और पुख्ता साक्ष्यों की जरूरत है लेकिन गांववालों का विश्वास यही है कि यह रामजी का ननिहाल है.