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Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर बहन नहीं आ सके तो किससे बंधवाएं राखी? जानें रक्षासूत्र बांधते समय किन-किन नियमों का रखना चाहिए ध्यान

Raksha Bandhan: रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. इस साल भाई-बहन के प्यार का पवित्र पर्व रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा. आज हम आपको बता रहे हैं राखी बांधते समय किन-किन नियमों का ध्यान रखना चाहिए और रक्षाबंधन पर बहन नहीं आ सके तो किससे राखी बंधवानी चाहिए?

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Raksha Bandhan 2026 Raksha Bandhan 2026

Raksha Bandhan The Festival of Siblings: भाई-बहन के प्यार का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन में अब बस कुछ दिन बाकी हैं. हर साल यह पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. इस साल रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा. रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती है. उधर, भाई बहन की रक्षा करने का वचन देता है. आज हम आपको बता रहे हैं राखी बांधते समय किन-किन नियमों का ध्यान रखना चाहिए और रक्षाबंधन पर बहन नहीं आ सके तो किससे राखी बंधवानी चाहिए?

रेशम वाली राखी सबसे बेस्ट
इस समय बाजार में तरह-तरह की राखियां आ गई हैं. बहनें रक्षासूत्र के नाम पर कई तरह की फैंसी राखियां खरीदती हैं और उन्हें भाइयों की कलाई पर बांधती हैं. बहनों को राखी की खरीदारी करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि राखी, जिसे रक्षासूत्र कहते हैं, वह रेशम के धागों की हो. रेशम की राखी सबसे अच्छी मानी जाती है. इसके अलावा आप फूल वाली राखी भी बांध सकती हैं.

बहन राखी बांधने के लिए नहीं आ सके तो किससे बंधवाएं राखी
कई बार रक्षाबंधन पर किसी कारण के चलते बहन राखी बांधने के लिए भाई के पास नहीं आ पती है. हालांकि वह राखी जरूर भेजवा देती है. ज्योतिषाचार्य के मुताबिक यदि बहन ने राखी भेजी है तो उसकी गैरमौजूदगी में बेटी या चचेरी बहन से राखी बंधवाई जा सकती है. आपको मालूम हो कि कुछ लोग रक्षाबंधन के दिन अपनी बेटी से भी राखी बंधवाते हैं. आपको मालूम हो कि रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन का त्योहार नहीं है बल्कि यह सुरक्षा और प्रेम का पर्व भी है.  ज्योतिषाचार्य के मुताबिक ऐसे में बेटी अपने पिता को राखी बांध सकती है. पिता अपनी बेटी को हमेशा रक्षा करने का वचन दे सकते हैं.

क्या है राखी बांधने की सही विधि 
राखी बांधने से पहले अपने भाई को तिलक और अक्षत जरूर लगाएं. इसके बाद जब आप भाई को राखी बांधें तो उनकी आरती जरूर उतारें और भगवान श्रीकृष्ण से उनकी लंबी आयु की कामना करें. ध्यान रखें राखी बांधते समय भाई का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. भाई को राखी बांधने के बाद आखिर में मिठाई खिलाएं. राखी बांधते समय बहन को 'येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः, तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि, रक्षे माचल माचलः मंत्र का उच्चारण करना चाहिए. ध्यान रखें रक्षाबंधन के दिन बहनों को अपने भाइयों से लड़ाई-झगड़ा करने से बचना चाहिए. वरना इसका बुरा प्रभाव भाइयों की सेहत के साथ-साथ बहन के भाग्य पर पड़ता है. 

राखी को कलाई पर कब तक बांधें रखना चाहिए 
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक राखी को भाई अपनी कलाई पर एक सप्ताह या 15 दिन तक बांधे रख सकते हैं. हालांकि कुछ जगहों पर राखी को जन्माष्टमी तक बांधे रखने की परंपरा भी है. राखी को कलाई से उतारने के बाद उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए या जमीन में गड्ढा खोदकर गाड़ देना चाहिए. राखी को कहीं भी ऐसे-वैसे नहीं फेंकना चाहिए.