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पांडवों से है इस मंदिर का कनेक्शन, दुनियाभर में है फेमस

मध्य प्रदेश के रायसेन में एक विश्व प्रसिद्ध शिव मंदिर है. सावन में इस मंदिर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. मान्यता है कि इस शिव मंदिर का निर्माण पांडवों ने किया था, ताकि माता कुंती पूजा कर सके. इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैली है.

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विश्व प्रसिद्ध भोजपुर शिवलिंग मंदिर में भक्तों की उमड़ी भीड़ है. विश्व की सबसे ऊंची पिंडी रूप के दर्शन करने भक्तों का लगा ताता लगा है. इस मंदिर का निर्माण महाभारत काल में माता कुंती को जल चढ़ाने के लिए किया गया था. इसका निर्माण राजाभोज ने कराया था.

विश्व प्रसिद्ध मंदिर में भक्तों की भीड़-
सावन का महीना शुरू हो गया है. पहले दिन शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. रायसेन जिले के गौहरगंज तहसील के भोजपुर में विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक मंदिर में बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है. श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए सुबह 4 बजे से ही पहुंच रहे हैं और बाबा के दर्शन करने के बाद भक्त अपनी मनोकामनाएं मांग रहे हैं.

पूरी होती है हर मनोकामना-
कहा जाता है कि इस मंदिर में बाबा से भक्त, जो भी मनोकामना मांगते हैं. वह पूर्ण होती है. इस मंदिर में दूर दराज के साथ-साथ विदेशों से भी भक्त बाबा के दर्शन करने आते हैं. भोपाल से बाबा के दर्शन करने आए भक्त ओमप्रकाश मालवीय ने बताया कि मैं पिछले 40 सालों से बाबा के दर्शन करने भोजपुर मंदिर आ रहा हूं और बाबा के दर पर जो भी मांगता हूं. बाबा भोलेनाथ की कृपा से मिल जाता है. वहीं, एक अन्य भक्त हरिओम तिवारी ने बताया कि भोजपुर मंदिर मैंने बाबा से आज तक जो भी मांगा, वह मुझे मिला है और मैं पिछले 15 सालों से यहां दर्शन करने आ रहा हूँ. एक अन्य महिला श्रद्धालु ने बताया कि इस प्राचीन शिव मंदिर में करीब 21 फिट ऊंचा और 20 फिट चौड़ा शिवलिंग है. 

पांडवों ने इस मंदिर को बनाया था- पुजारी
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यह बहुत प्राचीन मंदिर है. लेकिन यह परमार कालीन मंदिर ना होते हुए महाभारत काल का मंदिर है. जिसे पांडवों द्वारा माता कुंती को जल चढ़ाने के लिए बनाया गया था. पुजारी का कहना है कि माता कुंती की लंबाई है. करीब 25 फीट बताई जा रही है. तब माता को जल चढ़ाने के लिए इस 21 फीट ऊंचे और 20 फीट चौड़े शिवलिंग की स्थापना की गई थी. तब से लेकर आज तक यह मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है. लोग यहां दूरदराज से दर्शन करने आते हैं और अपनी मनोकामना मांगते है. बाबा भोलेनाथ भी भक्तों की मनोकामना को पूर्ण करते हैं.

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