सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव की मंगला आरती
सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव की मंगला आरती
भगवान शिव के प्रिय सावन महीने का पहला सोमवार पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है. सुबह होते ही देश के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं. कहीं मंगला आरती हुई तो कहीं विशेष जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया. शिवभक्तों ने भोलेनाथ का जल, दूध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की. सावन के पहले सोमवार पर गुजरात के सोमनाथ से लेकर उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ और मध्य प्रदेश के महाकालेश्वर मंदिर तक शिवभक्ति का अलग ही नजारा देखने को मिला.
काशी विश्वनाथ में मंगला आरती के लिए उमड़ी भीड़
मोक्षदायिनी नगरी काशी में सावन के पहले सोमवार की शुरुआत भगवान विश्वेश्वर की मंगला आरती के साथ हुई. सुबह होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और आरती में शामिल होकर बाबा का आशीर्वाद लिया. इसके बाद पूरे दिन जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और दर्शन का सिलसिला जारी रहा. मंदिर परिसर और आसपास का इलाका 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा.
उज्जैन महाकाल और सोमनाथ में भी विशेष पूजा-अर्चना
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भी सावन के पहले सोमवार पर विशेष भस्म आरती और अभिषेक किया गया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन किए. वहीं गुजरात के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली. श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की.
देवघर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में भी पहले सावन सोमवार पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. प्रशासन के अनुसार, इस अवसर पर करीब 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है. भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो.
सावन का पहला सोमवार क्यों माना जाता है खास?
सनातन धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इसी महीने माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था. इसलिए सावन के सोमवार को शिव पूजा, जलाभिषेक और व्रत का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भोलेनाथ की आराधना करने पर मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति का वास होता है.
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