Satyeshwar Mahadev Temple
Satyeshwar Mahadev Temple
सावन का महीना आते ही शिव मंदिरों में भक्तों की रौनक कई गुना बढ़ जाती है. लोग सुबह से ही भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना लेकर मंदिर पहुंचते हैं. उत्तराखंड के नई टिहरी स्थित ऐतिहासिक सत्येश्वर महादेव मंदिर में भी सावन के दूसरे सोमवार पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की.
पहाड़ों में सावन की शुरुआत के साथ ही नई टिहरी के सत्येश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया. सुबह से ही भक्त जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचने लगे. पूरे दिन मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गूंजता रहा. भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार ने पूरे माहौल को शिवमय बना दिया. दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा.
राजशाही काल से स्थापित है मंदिर
सत्येश्वर महादेव मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि टिहरी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है. राजशाही काल में यह मंदिर पुरानी टिहरी में स्थित था. टिहरी बांध परियोजना के कारण पुरानी टिहरी के जलमग्न होने पर मंदिर को पूरी धार्मिक परंपरा के साथ नई टिहरी में पुनर्स्थापित किया गया. आज भी यह मंदिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.
राजा सुदर्शन शाह से जुड़ी है मान्यता
मंदिर से जुड़ी एक प्राचीन मान्यता भी लोगों की आस्था को और मजबूत करती है. कहा जाता है कि 28 दिसंबर 1815 को जब राजा सुदर्शन शाह पुरानी टिहरी को अपनी राजधानी बनाने पहुंचे, तब उनका घोड़ा सत्येश्वर महादेव और काल भैरव मंदिर के पास आकर रुक गया. इसे दिव्य संकेत मानते हुए उन्होंने पुरानी टिहरी को अपनी राजधानी घोषित किया. तभी से यह मंदिर क्षेत्र की पहचान का अहम हिस्सा माना जाता है.
मनोकामना होती है पूरी
मंदिर पहुंचे श्रद्धालु अनुसूया नौटियाल, दर्शनी रावत और भवानी देवी राणा ने बताया कि टिहरी बांध बनने के बाद सत्येश्वर महादेव पहला प्रमुख शिव मंदिर था जिसे पुरानी टिहरी से नई टिहरी में विधिवत स्थापित किया गया. उनका विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना भगवान शिव अवश्य पूरी करते हैं. यही वजह है कि सावन के महीने में यहां दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
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