Chintaman Ganesh Temple Sehore
Chintaman Ganesh Temple Sehore
मध्य प्रदेश के सीहोर में स्थित प्राचीन चिंतामन सिद्ध गणेश मंदिर अपनी पुरानी परंपराओं और भक्तों की गहरी आस्था के लिए जाना जाता है. मान्यता के अनुसार, इस मंदिर का इतिहास करीब दो हजार वर्ष पुराना है. गणेश चतुर्थी के मौके पर यहां देशभर से श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर की सबसे खास बात यहां विराजित गणेश प्रतिमा है, जिसका आधा हिस्सा आज भी जमीन के अंदर है.
सीवन नदी से कमल पुष्प के रूप में प्रकट हुए गणेश
मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यता के अनुसार, सम्राट विक्रमादित्य सीवन नदी से कमल पुष्प के रूप में प्रकट हुए भगवान गणेश को रथ में लेकर जा रहे थे. रास्ते में सुबह होने पर उनका रथ इसी स्थान पर जमीन में धंस गया. रथ में रखा कमल पुष्प धीरे-धीरे गणेश प्रतिमा में बदलने लगा और प्रतिमा भी जमीन के अंदर धंसती चली गई. इसके बाद इसी जगह पर मंदिर का निर्माण कराया गया. आज भी गणेश जी की प्रतिमा का आधा हिस्सा जमीन में धंसा हुआ है और भक्त इसी स्वरूप के दर्शन करते हैं.
गणेश चतुर्थी पर लगता है 10 दिन का मेला
चिंतामन गणेश मंदिर में हर साल गणेश चतुर्थी के दौरान दस दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया जाता है. इस दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन करते हैं. दूर-दराज से आने वाले भक्त बप्पा के सामने अपनी मनोकामना रखते हैं और आशीर्वाद मांगते हैं. गणेशोत्सव के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी होती है.
मन्नत मांगने के लिए बनाते हैं उल्टा स्वास्तिक
इस मंदिर से जुड़ी एक खास परंपरा भक्तों के बीच काफी प्रसिद्ध है. मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर मंदिर की दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं. मन्नत पूरी होने के बाद वे दोबारा मंदिर पहुंचकर सीधा स्वास्तिक बनाकर भगवान गणेश के प्रति आभार जताते हैं. इसी वजह से मंदिर की दीवारों पर बड़ी संख्या में स्वास्तिक के निशान दिखाई देते हैं.
रोज बदलता है बप्पा का श्रृंगार
गणेशोत्सव के दिनों में यहां भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है. भक्तों के लिए हर दिन बप्पा का नया श्रृंगार और नया रूप देखने को मिलता है. इसी खास श्रृंगार के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं. मंदिर के पुजारी पंडित दुबे के अनुसार, सच्चे मन से भगवान गणेश से मांगी गई मन्नत पूरी होने की भक्तों में मान्यता है.
देश में चार स्थानों पर चिंतामन सिद्ध गणेश
पंडित जे. दुबे के अनुसार, देशभर में चिंतामन सिद्ध गणेश की चार स्वयंभू प्रतिमाएं मानी जाती हैं. इनमें राजस्थान के रणथंभौर, मध्य प्रदेश के उज्जैन, गुजरात के सिद्धपुर और मध्य प्रदेश के सीहोर का चिंतामन गणेश मंदिर शामिल है. सीहोर के इस मंदिर में सालभर श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जबकि गणेश चतुर्थी के दौरान यहां भक्तों की संख्या और भी बढ़ जाती है.
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