Shirdi Sai Baba Temple
Shirdi Sai Baba Temple
शिरडी के श्री साईं बाबा गुरुस्थान का पवित्र नीम वृक्ष वह ऐतिहासिक स्थल है, जहां साईं बाबा ने सर्वप्रथम एक युवा के रूप में प्रकट होकर तपस्या की थी. लिहाजा भक्तों के लिए नीम का वृक्ष श्रद्धा का केंद्र रहता है. ऐसे में शिरडी साईबाबा मंदिर प्रशासन ने पवित्र नीम वृक्ष के पौधे को आम भक्तों के बीच वितरित करने की अनोखी पहल की है.
वृक्ष प्रसाद योजना के तहत वितरण-
साईं बाबा से जुड़े इस नीम के वृक्ष के पौधों को वृक्ष प्रसाद योजना के तहत वितरित किया जा रहा है. इन पौधों को नीम के वृक्ष के बीज से तैयार किए गए हैं. भक्तों को जो पौधे बांटे जा रहे हैं, उसकी कीमत 20 रुफे है.
180 साल पहले साईं बाबा ने की साधना-
साईं बाबा के भक्तों को नीम के पौधे की सौगात मिली है. भक्तों को इस पवित्र नीम वृक्ष के पौधे भक्तों को बांटे जा रहे हैं. मान्यता है कि साईं धाम में तकरीबन 180 साल पहले साईं बाबा ने पवित्र नीम वृक्ष के नीचे बैठकर अपने गुरु की साधना की थी. उस वक्त भक्तों को साईं बाबा ने बताया था कि ये जगह उनके गुरु का स्थान है.
साईं बाबा मंदिर ट्रस्ट शिरडी के सीईओ गोरक्ष गाड़िलकर ने बताया कि इस नीम वृक्ष से बाबा का अटूट नाता है. बाबा ने सबसे पहले शिरडी में जब भक्तों को दर्शन दिया था, वो नीम वृक्ष के नीचे ही आराधना करते समय भक्तों को दिखाया था. और बाबा ने अपनी पूरी तपस्या जो है, वो नीम वृक्ष के नीचे ही की है.
भक्तों को सौंपे जा रहे वृक्ष के पौधे-
बाद में इसी नीम वृक्ष के नीचे साईं भक्तों ने शिवजी की पिंडी स्थापित की. अब इसी वृक्ष के पौधे को मंदिर प्रशासन साईं बाबा के भक्तों को सौंप रहा है. साईबाबा गुरुस्थान मंदिर प्रांगण में गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर इस पौधे को भक्तों को सौंपा गया. 'वृक्ष प्रसाद योजना' के तहत श्रद्धालुओं को ये पौधे सौंपे गये. नीम के वृक्ष के जो बीज हैं, उनसे पौधे को तैयार किए गए हैं.
नीम की पत्तियां मीठी होने का दावा-
भक्तों के बीच मान्यता है कि इस नीम के पौधे के पत्ते मीठे लगते हैं. श्रद्धालुओं ने नीम के पौधे मिलने पर खुशी जाहिर की है. एक श्रद्धालु ने कहा कि मैंने गुरु पूर्णिमा के मौके पर आज नीम का पौधा खरीद लिया है. मैं इस पौधे को घर पर लगाऊंगा. बाबा की जो लीला है, उसका अनुभव करूंगा और मैं समाधान पाऊंगा.
(नितिन मिराणे की रिपोर्ट)
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