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दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और पूजा-पाठ का त्योहार है. इस दिन लोग अपने घरों को दीयों और लाइटों से सजाते हैं. साथ ही माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं. हिंदू धर्म में पूजा के समय दीपक जलाने का खास महत्व माना जाता है. लेकिन कई लोगों में मन सवाल आता है कि क्या दिवाली पर दीपक घी से जलाना चाहिए या फिर तेल से?
घी का दीपक जलाना क्यों है शुभ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की पूजा में घी का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है. खासकर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के समय घी का दीपक जलाने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे घर में सुख, शांति और खुशहाली बनी रहती है. घी का दीपक पूजा में पवित्रता और श्रद्धा का प्रतीक भी माना जाता है.
सरसों के तेल का दीपक जलाने का महत्व
अगर आपके पास घी नहीं है, तो आप सरसों के तेल का दीपक भी जला सकते हैं. कई घरों में सरसों के तेल से दीपक जलाने की परंपरा है. धार्मिक मान्यता है कि सरसों के तेल का दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन की परेशानियों से लड़ने की शक्ति मिलती है.
तिल के तेल का दीपक क्यों जलाते हैं?
हिंदू धर्म में तिल के तेल का भी खास महत्व है. कई लोग पूजा-पाठ और शनि देव की आराधना के समय तिल के तेल का दीपक जलाते हैं. मान्यता है कि इससे मन को शांति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है. दिवाली पर भी अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार तिल के तेल का दीपक जलाया जा सकता है.
अलसी के तेल का दीपक भी जला सकते हैं
कुछ धार्मिक परंपराओं में अलसी के तेल का इस्तेमाल भी दीपक जलाने के लिए किया जाता है. हालांकि, दिवाली की मुख्य पूजा में घी, सरसों या तिल के तेल का इस्तेमाल ज्यादा होता है. लेकिन आप अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार तेल का चुनाव कर सकते हैं.