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Ganesh Chaturthi: उत्सव के अनोखे रंग, देखने को मिले टिश्यू पेपर के बने बप्पा... वजन में किसी से नहीं कम

सूरत के सिटी लाइट इलाके में भव्य पांडाल में विराजमान भगवान गणेश जी की मूर्ति है. 350 किलो टिश्यू पेपर के इस्तेमाल से बनी मूर्ति की पूजा दर्शन के लिए भक्त उमड़ रहे हैं.

टिशू पेपर का इस्तेमाल हम लोग अपने जीवन में कई तरह से करते हैं लेकिन गुजरात के सूरत में टिश्यू पेपर का इस्तेमाल भगवान गणेश की मूर्ति बनाने के लिए किया गया है. 16 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी भगवान गणेश की मूर्ति को बनाने के लिए 350 किलोग्राम टिशू पेपर का इस्तेमाल किया गया है मूर्ति का कुल वजन करीबन 400 किलो ग्राम बताया गया है.

क्या है मूर्ति में खास?
सूरत शहर के सिटी लाइट इलाके में स्थित सरकार ग्रुप के गणेश पंडाल में यह मूर्ति है. गणेश उत्सव के अवसर पर तैयार किए गए इस विशाल और आलीशान पंडाल में भगवान गणेश की 16 फिट ऊंची और 6 फीट चौड़ी मूर्ति की स्थापना किया गया है. इस मूर्ति के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त लोग दर्शन करने आते है. दिखने में मूर्ति की भव्यता आपको भी आकर्षित कर रही होगी . हम आपको बता दें कि भगवान गणेश की इस मूर्ति को मिट्टी या पीओपी से तैयार नहीं किया गया है बल्कि टिश्यू पेपर से तैयार किया गया है. 

हर बार होती है ग्रुप की अलग थीम
सूरत का सरकार ग्रुप वर्षों से गणेश पंडाल में भगवान गणेश की गणेश उत्सव के दौरान मूर्ति स्थापना कर पूजा पाठ करता हैं. हर बार इस ग्रुप के द्वारा अलग अलग प्रकार की थीम पर भगवान गणेश की स्थापना की जाती है. इस बार सरकार ग्रुप द्वारा पर्यावरण हितों को ध्यान में रखते हुए पीओपी या मिट्टी की मूर्ति न बनवाकर टिश्यू पेपर से भगवान गणेश की मूर्ति को तैयार करवाया गया है. 

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मुंबई में तैयार हुए बप्पा
इस मूर्ति को विशेष कारीगरों के द्वारा मुंबई में तैयार करवाया गया है. सूरत का सरकार ग्रुप गणेश उत्सव पूर्ण होने के बाद मूर्ति विसर्जन के लिए समंदर नहीं जाएगा बल्कि इस मूर्ति को यही पर पानी में भिगोकर विसर्जित कर दिया जाएगा. सरकार ग्रुप के सागर राजपूत ने बताया कि कि उनका ग्रुप वर्षों से भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना गणेश उत्सव में करते है इस बार टिश्यू पेपर से बने भगवान गणेश की मूर्ति का स्थापना किया गया है.

-संजय सिंह राठौड़ की रिपोर्ट