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Bada Mangal: आज है बड़ा मंगल, जानिए कृपा पाने का शुभ संयोग और पूजा विधि

राम भक्त हनुमान को मानने वाले यूँ तो साल भर महाबली की पूजा अर्चना करते हैं. पर भगवान श्रीराम के अनुज लक्ष्मण की नगरी लखनऊ से शुरू हुआ एक पर्व ऐसा है जो पूरे एक महीने तक चलता है. ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ मनाया जाता है. मान्यता है कि अवध के नवाबों ने ये परंपरा शुरू की थी.

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हनुमान जी हनुमान जी

ज्येष्ठ में बजरंगबली के वृद्ध स्वरूप की पूजा का खास महत्व है. ज्येष्ठ के हर मंगलवार को बड़े मंगल के अलावा बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है. पुराणों के अनुसार ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हनुमान जी की पहली बार श्रीराम से भेंट हुई थी, साथ ही इसी माह में उन्होंने भीम का घमंड तोड़ा था. कहते हैं कि संसार में जहां बड़ा मंगल के दिन सुंदरकांड का पाठ या रामचरितमानस का पाठ होता है. वहां बजरंगबली किसी न किसी रूप में मौजूद रहते हैं और भक्तों पर कृपा बरसाते हैं. इस मौके पर जगह-जगह लोगों को भोजन,लंगर और जलपान कराया जाता है. मान्यता है कि बड़ा मंगल पर बजरंग बली की पूजा, व्रत और दान करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या की पीड़ा से राहत मिलती है.

पंचांग से अनुसार पहला बड़ा मंगल 09 मई, दूसरा बड़ा मंगल 16 मई, तीसरा बड़ा मंगल 23 मई और चौथा बड़ा मंगल 30 मई 2023 को है. इस मौके पर जगह-जगह लोगों को भोजन, लंगर और जलपान कराया जाता है. मान्यता है बड़ा मंगल पर बजरंगी की पूजा, व्रत और दान करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या की पीड़ा से राहत मिलती है. यूपी में बड़ा मंगल खास तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.

पहले बड़ा मंगल पर क्या है शुभ मुहूर्त
चर (सामान्य)- सुबह 09.00 - सुबह 10.36
लाभ (उन्नति) - सुबह 10.36 - 12.13
अमृत (सर्वोत्तम) - दोपहर 12.13 - दोपहर 01.49

बड़ा मंगल पर क्या है शुभ योग
पहले बड़ा मंगल के दिन सिद्ध योग का संयोग बन रहा है. इस योग में शुभ कार्य, मंत्र, जाप, पूजा सिद्धी हो जाती है. नए काम की शुरुआत करने से उसमें सिद्धि प्राप्त होती है. 

सिद्ध योग - 13 अप्रैल 2023, 12 बजकर 34 - 14 अप्रैल 2023, 09 बजकर 37  - सुबह 09

बड़ा मंगल पर क्या है पूजा विधि
बड़ा मंगल के दिन सुबह स्नान के बाद व्रत करें. इस दिन लाल वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है. अब घर के ईशान कोण में चौकी पर हनुमान जी का चित्र रखें. आप पूजा हनुमान मंदिर में भी कर सकते हैं. सर्वप्रथम बजरंगी को सिंदूर अर्पित करें. इसके बाद लाल वस्त्र, लाल पुष्प, लाल फल, पान का बीड़ा, केवड़ा इत्र, बूंदी, चढ़ाएं. इस मंत्र का जाप जाप करें ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमित विक्रमाय, प्रकटपराक्रमाय महाबलाय सूर्य कोटिसमप्रभाय रामदूताय. इस दिन किसी विशेष कामना पूर्ति के लिए हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ करना चाहिए.