scorecardresearch

VIP दर्शन और स्पर्श दर्शन पर रोक, नए साल पर काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन का बड़ा फैसला

साल 2026 का आगाज होने वाला है. ऐसे में मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. काशी के विश्वनाथ मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ हो रही है. ऐसे में मंदिर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वीआईपी दर्शन पर रोक लगा दी है.

Advertisement
Vishwanath Temple Vishwanath Temple

नए साल का जोश अभी से लोगों में दिखना शुरू हो गया है. यही वजह है कि देश के फेमस पर्यटन स्थलों में से एक वाराणसी पहुंचने वाले काशी विश्वनाथ के भक्तों की संख्या इतनी बढ़ गई कि मंदिर प्रशासन ने किसी भी प्रकार के VIP दर्शन, प्रोटोकॉल के जरिए होने वाले दर्शन और स्पर्श दर्शन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है.

विश्वनाथ टेंपल में VIP दर्शन पर रोक-
नव वर्ष 2026 में भले ही अभी एक हफ्ते का वक्त बाकी हो, लेकिन नए साल को लेकर आस्थावान अपने नूतन वर्ष की कुशलता के लिए मंदिरों में भगवान से प्रार्थना करने के लिए पहुंचने लगे हैं. लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए वाराणसी स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा विश्वनाथ के दरबार में अब अगले आदेश तक न तो VIP दर्शन हो सकेगा और ना ही स्पर्श दर्शन ही.

मंदिर में हो रही भारी भीड़- मंदिर अधिकारी
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि शीतकालीन सत्र में होने वाली छुट्टियों के मद्देनजर और अंग्रेजी कैलेंडर के नववर्ष की वजह से भी मंदिर में अप्रत्याशित भीड़ देखी गई है. इस बढ़ी हुई संख्या को सुरक्षा और सुविधा के साथ दर्शन करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. जिसकी वजह से विशेष प्रकार की सुविधा प्रदान किया जाना या विशिष्ट दर्शन का अनुरोध या प्रोटोकॉल स्वीकार कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है. वर्तमान में झांकी दर्शन की ही सुविधा प्रदान की जा रही है. सभी से अनुरोध है कि मंदिर न्यास का सहयोग करें.

काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक फेमस मंदिर है. यह मंदिर हिंदुओं के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है. यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग में से एक है. यह मंदिर पवित्र गंगा नदी के पश्चिम तट पर स्थित हैं. 

ये भी पढ़ें: