scorecardresearch

Kajal Chaudhary Kanwar Yatra: 90 साल की सास को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली चलीं काजल चौधरी, बनी बहु के रूप में श्रवण कुमार

काजल चौधरी 90 वर्षीय सास चन्द्रिदेवी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक की यात्रा कर रही हैं. उनकी अनोखी कांवड़ सेवा लोगों का ध्यान अपनी ओर खिच रही है.

kajal chaudhary kanwar yatra mother in law kajal chaudhary kanwar yatra mother in law

सावन मास की शुरुआत के साथ ही देशभर में कांवड़ यात्रा का उत्साह देखने को मिल रहा है. हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इस बार की कांवड़ यात्रा में कई अनोखी कांवड़ लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं. इसी बीच मुजफ्फरनगर से होकर गुजर रही एक ऐसी कांवड़ चर्चा का विषय बनी हुई है, जो लोगों को श्रवण कुमार की कथा की याद दिला रही है.

90 साल की सास को कांवड़ में बैठाकर निकलीं काजल चौधरी
दिल्ली के शाहदरा निवासी काजल चौधरी अपनी 90 वर्षीय सास चन्द्रिदेवी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक की यात्रा कर रही हैं. कंधे पर कांवड़ और उसमें बैठी बुजुर्ग सास को देखकर रास्ते में मिलने वाला हर व्यक्ति भावुक हो जा रहा है. लोग उनकी इस सेवा और समर्पण की जमकर सराहना कर रहे हैं. काजल चौधरी की यह दूसरी कांवड़ यात्रा है. इससे पहले साल 2025 में भी उन्होंने अपनी सास को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक की यात्रा पूरी की थी. इस बार भी वह अपनी सास को साथ लेकर शिवभक्ति में लीन होकर आगे बढ़ रही हैं.

देहाती रागनी और भजनों से पहचान बना चुकी हैं काजल
काजल चौधरी पेशे से गायिका हैं. वह देहाती रागनी और भजनों के लिए सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं. इसी साल उन्होंने अपनी सास के साथ ब्रज की 84 कोस परिक्रमा भी की थी, जिसके बाद वह काफी चर्चा में आई थीं. उस दौरान उनकी सास 'टोपी वाली अम्मा' के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं. इस साल की कांवड़ यात्रा में काजल के छोटे बेटे मनीष चौधरी और परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ चल रहे हैं. काजल रोजाना करीब 11 से 12 किलोमीटर की यात्रा कर रही हैं.

71 किलो गंगाजल के साथ दिया माता-पिता की सेवा का संदेश
काजल चौधरी अपनी सास को कांवड़ में बैठाने के साथ 71 किलो गंगाजल लेकर चल रही हैं. उनका कहना है कि इस यात्रा के जरिए वह लोगों को संदेश देना चाहती हैं कि अपने सास-ससुर और माता-पिता की ऐसी सेवा करनी चाहिए कि जब वे दुनिया से जाएं तो आशीर्वाद देकर जाएं. काजल ने कहा कि माता-पिता की सेवा करना ही हमारा धर्म और कर्म है. उन्होंने बताया कि उनकी कोई मन्नत नहीं है, वह सिर्फ अपनी माता की सेवा करना चाहती हैं.

सीएम योगी से सास की मुलाकात कराने की अपील
काजल चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी 90 वर्षीय सास चन्द्रिदेवी की मुलाकात कराने की अपील भी की है. उन्होंने कहा कि उनकी सास सीएम योगी से मिलना चाहती हैं और उन्हें कुछ भेंट करना चाहती हैं. हालांकि, उन्हें नहीं पता कि उनकी सास क्या देना चाहती हैं, लेकिन वह अपनी तरफ से कुछ देना चाहती हैं. काजल ने कहा कि जब उन्होंने ब्रज 84 कोस की परिक्रमा की थी, तब उनकी सास काफी वायरल हुई थीं. अब उनकी इच्छा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी सास से जरूर मिलें.

महिलाओं से की माता-पिता की सेवा करने की अपील
काजल चौधरी ने कहा कि भारत की नारी को अपने सास-ससुर और माता-पिता की सेवा को अपना धर्म समझना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारे माता-पिता हमें पालकर बड़ा करते हैं और हमें संस्कार देते हैं. इसलिए उनकी सेवा करना हमारी जिम्मेदारी है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि रिश्तों को तोड़ने के बजाय उन्हें संभालने की कोशिश करनी चाहिए. अगर किसी रिश्ते में परेशानी है तो बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए. किसी की जिंदगी खराब करने के बजाय सभी को अपने माता-पिता और परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए.

काजल चौधरी अपनी इस अनोखी कांवड़ यात्रा के जरिए भक्ति के साथ-साथ सेवा और संस्कार का संदेश भी दे रही हैं. उनके साथ उनके बेटे मनीष चौधरी, रिंकू चौधरी के भाई गुड़िया के भतीजे नंदू जी और उनके दो भतीजे बलराम और दीपक भी यात्रा में शामिल हैं. उनकी सास का नाम चन्द्रिदेवी है.

ये भी पढ़ें