Chalisa
Chalisa
भक्त द्वारा अपने भगवान या इष्ट को प्रसन्न करने के लिए और अपनी समस्याओं के निवारण के लिए सरल भाषा में की गई प्रार्थना चालीसा कही जाती है. इसको चालीसा इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें चालीस लाइन होती हैं. सरल भाषा में लिखा होने के कारण इसको आसानी से पढ़ा जा सकता है इसलिए यह जनता में काफी लोकप्रिय हुआ. चालीसा में अलग-अलग पंक्ति का अलग-अलग महत्व होता हैं और उनका विशेष समस्याओं में विशेष प्रयोग होता है. तुलसीदास जी द्वारा लिखी हुई हनुमान चालीसा सर्वाधिक शक्तिशाली और लोकप्रिय मानी जाती है. ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने चालीसा के महत्व और इसके पाठ की सही विधि
क्या है चालीसा पाठ का तरीका
चालीसा पढ़ने के नियम सरल हैं. इसे किसी भी समय, किसी भी स्थिति में पढ़ा जा सकता है. जिस देवता के चालीसा का पाठ करना हो उसके चित्र या मूर्ती के सम्मुख होकर बैठें. उसके बाद उस देवता के समक्ष जल से भरा पात्र रखें. कम से कम एक बार से लेकर तीन बार तक चालीसा का पाठ करें. पाठ के उपरांत उस जल को प्रसाद की तरह ग्रहण करें. प्रयास करें की चालीसा पाठ का समय रोज एक ही हो. विशेष दशाओं में यात्रा तथा सोते समय भी चालीसा का पाठ कर सकते हैं.
अलग-अलग समस्याओं के समाधान के लिए किस चालीसा का करें पाठ
1. अच्छे स्वास्थ्य के लिए शिव चालीसा.
2. अच्छी शिक्षा के लिए सरस्वती चालीसा.
3. आर्थिक स्थिति तथा धन के लिए लक्ष्मी चालीसा.
4. संतान प्राप्ति के लिए श्रीकृष्ण चालीसा.
5. हर तरह की कामना पूर्ति के लिए हनुमान चालीसा.
हनुमान चालीसा है शब्दों की संजीवनी
हनुमान चालीसा को तुलसीदास ने सोलहवीं शताब्दी में लिखा था. यह पाठ न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि इसे मानसिक शांति, संकल्प और साहस प्रदान करने वाला माना जाता है. हनुमान चालीसा में वर्णित गुण जैसे नेतृत्व, योजना और सेवा भाव, आज के दौर में भी प्रासंगिक हैं.
युवाओं के लिए संदेश
हनुमान चालीसा आज के युवाओं के लिए संजीवनी बूटी की तरह है. विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि भारत सरकार को हनुमान जी के आदर्शों को एनसीईआरटी की पुस्तकों में शामिल करना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी उनके गुणों को अपनाकर अपने जीवन को सफल बना सके.
हनुमान चालीसा पढ़ने के नियम
हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए किसी विशेष विधि की आवश्यकता नहीं है. इसे कहीं भी, किसी भी समय पढ़ा जा सकता है. मानसिक रूप से हनुमान जी का ध्यान करके पाठ करने से जीवन के सभी संकट दूर हो सकते हैं. हनुमान चालीसा का हर किसी को रोज पाठ करना चाहिए.