2026 first supermoon
2026 first supermoon
2026 first supermoon: 2026 का आगाज हो चुका है, ऐसे में नए साल की शुरुआत में एक खास नजारा देखने को मिलेगा. 3 जनवरी की रात को एक चमकदार वोल्फ सुपरमून आसमान को रोशन करता दिखाई देगा. ऐसे में एस्ट्रोलॉजर अरुण कुमार व्यास का दावा है कि, 3 जनवरी की रात एक टोटका करने से आपका कमबैक हो सकता है. तो चलिए आपको बताते हैं इस टोटके बारे में, और सुपरमून या वॉल्फमून आखिरकार है क्या.
क्या है वोल्फ मून
खगोलविदों के अनुसार जनवरी महीने की पहली पूर्णिमा को वुल्फ मून कहा जाता है. इसके पीछे एक ऐतिहासिक कारण है. प्राचीन काल में कड़ाके की ठंड के दौरान उत्तरी गोलार्ध में भेड़ियों के झुंडों की आवाजें अधिक सुनाई देती थीं, इसी वजह से इस पूर्णिमा को वुल्फ मून नाम दिया गया. लगभग 10:02-10:04 बजे पूरी तरह से पूर्णिमा होगा. सबसे अच्छे नजारे 2 और 3 जनवरी को चंद्रमा के उगने के समय मिलते हैं. क्योंकि उस वक्त ये पूर्वी क्षितिज पर नीचे होता है और पृथ्वी के वायुमंडल के कारण पीला या नारंगी रंग ले सकता है. भारत में यह वुल्फ सुपरमून 3 जनवरी की शाम को सूर्यास्त के तुरंत बाद दिखाई देगा. अनुमान के अनुसार शाम करीब 5:45 से 6:00 बजे के बीच चंद्रमा पूर्वी क्षितिज पर उगता हुआ देखा जा सकता है.
धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व
3 जनवरी का दिन धार्मिक मान्यताओं में पौष पूर्णिमा के रूप में अत्यंत पावन माना जाता है. इस अवसर पर देशभर में श्रद्धालु गंगा सहित अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करते हैं. मान्यता है कि पौष पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. वहीं कहा जाता है कि वोल्फ मून से कुछ मांगते हैं तो आपकी सारी विश पूरी होती है. सुपरमून तब होता है जब पूर्णिमा पृथ्वी के सबसे नजदीकी पॉइंट (पेरिजी) पर होती है. 2026 में जनवरी का ये सुपरमून 356,800 किमी दूर होगा, जो औसत से 10% करीब है. इसका नतीजा होगा कि चांद बड़ा, चमकीला और फोटोजेनिक लगेगा.
कमबैक के लिए टोटका
एस्ट्रोलॉजर अरुण कुमार व्यास ने बताया कि, '2026 में इससे अच्छा मौका आपके लिए हो ही नहीं सकता. बस आपको 3 जनवरी की रात, किसी भी समय भाग्य मुद्रा (फिंगर क्रॉस) बनानी है. फिर चंद्र देव की तरफ देखते हुए मन में कहना है कि, 'हे चंद्र देव, आपकी कृपा से मेरी किस्मत चमक रही है.' इतना कहने से आपका कमबैक हो जाएगा.'
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