Gupt Navratri 2026
Gupt Navratri 2026
गुप्त नवरात्रि का हिंदू धर्म में खास महत्व माना जाता है. साल में कुल चार बार नवरात्रि आती है. इनमें दो सामान्य नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि होती हैं. चैत्र और आश्विन की नवरात्रि सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं, जबकि माघ और आषाढ़ महीने में गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है. इस साल आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से 22 जुलाई तक रहेगी. मान्यता है कि इस दौरान मां दुर्गा की श्रद्धा से पूजा करने पर मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं.
धार्मिक मान्यता के अनुसार गुप्त नवरात्रि साधना, शक्ति की प्राप्ति और बाधाओं को दूर करने के लिए बहुत शुभ मानी जाती है. इस दौरान कई साधक अपनी पूजा और जप को गोपनीय रखते हैं. ऐसा माना जाता है कि जितनी शांत और एकाग्रता से साधना की जाए, उसका उतना ही अच्छा फल मिलता है.
वैज्ञानिक नजरिए से भी यह समय खास माना जाता है. इस दौरान मौसम बदलता है और शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. माना जाता है कि इस समय पित्त बढ़ सकता है. इसलिए हल्का, सात्विक भोजन और जरूरत के अनुसार उपवास रखने से शरीर को आराम मिलता है और स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है.
सामान्य नवरात्रि में लोग खुले रूप से मां दुर्गा की पूजा करते हैं. इसमें सात्विक पूजा के साथ कुछ लोग तांत्रिक पूजा भी करते हैं. वहीं गुप्त नवरात्रि में साधना को गोपनीय रखना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान तांत्रिक साधना करने वाले लोग बिना प्रचार के अपनी पूजा करते हैं. मान्यता है कि गुप्त रूप से की गई साधना अधिक फलदायी होती है.
अगर आप चाहें तो नौ दिनों के लिए कलश स्थापना कर सकते हैं. सुबह और शाम मां दुर्गा के मंत्रों का जाप, दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ माना जाता है. दोनों समय आरती करें और मां को लौंग और बताशे का भोग लगाएं. पूजा में लाल फूल चढ़ाना अच्छा माना जाता है. वहीं आक, मदार, दूब और तुलसी मां दुर्गा को नहीं चढ़ानी चाहिए. पूरे नौ दिन सात्विक भोजन करें और मन को शांत रखें.
अगर नौकरी की इच्छा है तो किसी भी रात मां दुर्गा के सामने घी का दीपक जलाएं. इसके बाद नौ बताशों पर दो-दो लौंग रखकर एक-एक करके मां को अर्पित करें और अपनी मनोकामना कहें.
वहीं शीघ्र विवाह की कामना रखने वाले लोग गुप्त नवरात्रि की हर रात मां के सामने घी का दीपक जलाएं, लाल फूलों की माला अर्पित करें और सच्चे मन से विवाह की प्रार्थना करें. धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए ये उपाय शुभ फल देने वाले माने जाते हैं.